Shimla News: हिमाचल प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में 20 और 21 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने खासतौर पर मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, 17 जुलाई की दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर अगले कुछ दिनों तक देखने को मिलेगा। इसके चलते 18 और 19 जुलाई को कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तीन दिन से खिली धूप, बढ़ा तापमान
विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक अधिकांश इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और धूप निकलने की संभावना है। राज्य में पिछले तीन दिनों से मौसम साफ रहने के कारण तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 12 शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं ऊना सबसे गर्म रहा, जहां पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी बारिश के दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन हो सकता है। इसके साथ ही अचानक जलस्तर बढ़ने और सड़कें बाधित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग और प्रशासन ने नागरिकों तथा पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें। खराब मौसम के दौरान लोग अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है। जिला अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा।

