Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानूसन की रफ्तार एक बार फिर बेहद तेज हो गई है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए राज्य के कई मुख्य हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार राज्य में 8 से 12 जुलाई तक कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ भी प्रभावी रहेगा। राजधानी शिमला और इसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में सुबह से ही लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है।
इस तेज बारिश के कारण समूचे पहाड़ी क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम पहले की तुलना में काफी ठंडा हो गया है। उधर कुल्लू जिले में भारी वर्षा के चलते पागल नाले में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई है।
पागल नाले में आई अचानक बाढ़ से हाईवे घंटों ठप
इस बाढ़ के कारण प्रसिद्ध लारजी-सैंज सड़क मार्ग कई घंटों तक पूरी तरह बंद रहा। सड़क अवरुद्ध होने से दोनों ओर वाहनों की बहुत लंबी कतारें लग गईं। इसके कारण आम जनता और सैलानियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पहाड़ियों पर मूसलाधार वर्षा के बाद अचानक आया भारी मलबा सड़क पर जमा हो गया था। करीब तीन घंटे तक दोनों तरफ गाड़ियां फंसी रहीं। लोक निर्माण विभाग की आधुनिक मशीनरी ने मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाया और यातायात बहाल किया।
पार्वती पावर स्टेशन बांध से नदी में छोड़ा गया भारी पानी
इस बीच एनएचपीसी के पार्वती पावर स्टेशन-3 प्रबंधन ने भी एक जरूरी चेतावनी जारी की है। जलाशय में पानी की भारी आवक को देखते हुए बांध से लगभग 50 क्यूमेक अतिरिक्त पानी सैंज नदी में छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
प्रबंधन ने नदी में कुल जल प्रवाह करीब 52 क्यूमेक रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और मजदूरों से नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाने की अपील की है। होटल मालिकों और टैक्सी चालकों को भी सतर्क कर दिया गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में हूटर और सायरन बजाने के साथ ही लाउडस्पीकर वाले वाहन भी तैनात किए गए हैं। बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 97 मिलीमीटर बारिश मंडी के जोगिंदरनगर में दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भूस्खलन क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है।

