हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बीच बड़ा झटका, विद्युत लोकपाल भूपेश उप्पल ने कार्यभार संभालने से पहले दिया इस्तीफा

Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य विद्युत नियामक आयोग में नवनियुक्त विद्युत लोकपाल इंजीनियर भूपेश उप्पल ने अपना कार्यभार संभालने से पहले ही अचानक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निजी व्यस्तताओं के चलते आयोग को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंपा है।

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राज्य सरकार ने बीती तीस जून को सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता भूपेश उप्पल को इस महत्वपूर्ण पद पर तैनाती दी थी। प्रशासन ने उन्हें तीन वर्ष के लंबे कार्यकाल के लिए नियुक्त किया था। इस दौरान उन्हें पदानुसार लगभग डेढ़ लाख रुपये का मासिक वेतन भी दिया जाना तय हुआ था।

निजी व्यस्तताओं के कारण महत्वपूर्ण पद संभालने से किया साफ इन्कार

नवनियुक्त लोकपाल को कार्यभार ग्रहण करने से ठीक पहले नियामक आयोग के अध्यक्ष के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ लेनी थी। इस बीच अचानक उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस बड़ी सरकारी नियुक्ति को स्वीकार करने से पूरी तरह इन्कार कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग के कड़े नियमों के अनुसार विद्युत लोकपाल की यह नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के कार्यकाल या पैंसठ वर्ष की आयु तक के लिए मान्य की गई थी। इस पद पर रहते हुए उन्हें उपभोक्ताओं से जुड़ी बिजली संबंधी जनशिकायतों का निपटारा करना था।

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अब नए सिरे से शुरू होगी लोकपाल की चयन प्रक्रिया

इंजीनियर भूपेश उप्पल के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद अब पूरा मामला पूरी तरह बदल गया है। विद्युत विनियामक आयोग को अब नए सिरे से किसी अन्य योग्य अधिकारी की तलाश करनी होगी। इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद को भरने के लिए चयन प्रक्रिया दोबारा आयोजित की जाएगी।

निवर्तमान अधिकारी भूपेश उप्पल ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उनके इस अप्रत्याशित कदम से बिजली बोर्ड और नियामक आयोग के प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। सरकार अब जल्द ही नए नाम पर विचार करेगी।

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