Kangra News: शौर्य चक्र विजेता और भारतीय नौसेना के जांबाज मरीन कमांडो अमित सिंह राणा की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई है। इस दुखद घटना के बाद उनके शोकाकुल परिवार ने हिमाचल प्रदेश की खतरनाक पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शहीद मरीन कमांडो की बड़ी बहन पंकज ने राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्य सचिव और लोक निर्माण विभाग को एक ईमेल भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य के सभी संवेदनशील और खतरनाक पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों को तुरंत मजबूत करने की एक भावुक मांग उठाई है।
मुश्किल सैन्य ऑपरेशन से लौटे कमांडो ने असुरक्षित सड़क पर गंवाई जान
बहन पंकज ने अपने पत्र में लिखा कि उनके भाई ने दुनिया के सबसे कठिन और जटिल सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। अमित ने देश की रक्षा के लिए कई खतरनाक आतंकवाद-विरोधी अभियानों का भी डटकर सामना किया। लेकिन बेहद दुखद विडंबना है कि उनकी जान एक असुरक्षित सड़क के कारण चली गई।
परिजनों का कहना है कि जो जांबाज सैनिक सबसे कठिन ट्रेनिंग और दुश्मन के खतरों से सुरक्षित लौट आया, उसे खस्ताहाल बुनियादी ढांचे की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए था। यदि उस दुर्घटना संभावित पर्वतीय मोड़ पर मजबूत क्रैश बैरियर और पर्याप्त सुरक्षा चेतावनी बोर्ड होते, तो शायद देश के इस अनमोल रत्न की जान बच सकती थी।
कांगड़ा के ज्वालामुखी में पांच सौ फीट गहरी खाई में गिरी कार
यह दर्दनाक सड़क हादसा पिछले दिनों कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में खुंडियां लगडू लिंक रोड पर हुआ था। मरीन कमांडो अमित सिंह राणा की कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब पांच सौ फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक हादसे में बत्तीस वर्षीय अमित राणा की मौके पर ही मौत हो गई।
अमित राणा अपने पूरे परिवार के इकलौते सहारा थे। उनके आकस्मिक निधन से बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, तीन साल का छोटा बेटा और दो बहनें गहरे सदमे में हैं। वे खुद एक सेवानिवृत्त सैनिक केवल सिंह राणा के एकमात्र पुत्र थे। इस हादसे ने पूरे गांव और क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
ग्रामीण संपर्क मार्गों पर क्रैश बैरियर लगाने की पुरजोर मांग
मृतक कमांडो के परिवार ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विभाग पर राजनीतिक आरोप लगाना नहीं है। वे चाहते हैं कि भविष्य में किसी भी अन्य परिवार का चिराग ऐसे न बुझे। राज्य की अधिकांश ग्रामीण और संपर्क सड़कें आज भी बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं और सुरक्षात्मक कंक्रीट दीवारों से पूरी तरह वंचित हैं।
पंकज ने ईमेल में जोर देकर कहा कि अगर राज्य सरकार समय रहते इन दुर्गम पहाड़ी लिंक मार्गों पर क्रैश बैरियर और संकेतक बोर्ड स्थापित कर दे, तो सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकती है। लोक निर्माण विभाग को इन ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के लिए तुरंत एक विशेष अभियान शुरू करना चाहिए।

