Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी के गंभीर मामलों में संलिप्त पाए गए पांच सरकारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात चार अन्य कर्मचारियों को भी नौकरी से हटाने के लिए प्रदेश सरकार से मजबूत सिफारिश की गई है।
बिलासपुर जिला प्रशासन की गहन जांच और सख्त सिफारिश के बाद राज्य सरकार ने यह बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जांच के दौरान इन सभी कर्मचारियों की नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े विभिन्न नेटवर्क में सीधी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस विभाग ने इनके खिलाफ कई कानूनी केस दर्ज किए हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हैं कई गंभीर आपराधिक मामले
पकड़े गए इन दागी कर्मचारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें से कई आरोपियों के खिलाफ अदालती और विभागीय जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि नशे के काले कारोबार के खिलाफ सरकार पूरी तरह गंभीर है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल जीरो टॉलरेंस पर आधारित है। इसी कड़े रुख के चलते पांच आरोपियों को हटाया गया है। शेष चार अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भी विभागीय जांच पूरी कर ली गई है। उनकी अंतिम बर्खास्तगी का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
नशा माफिया से जुड़े किसी भी अधिकारी को नहीं बख्शेगा प्रशासन
राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी मिलते ही इन चार कर्मचारियों के खिलाफ भी तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार सरकारी कर्मचारी समाज का आईना होते हैं। यदि वे खुद ऐसे अवैध धंधों में शामिल होंगे, तो इससे आम जनता में बेहद गलत संदेश जाएगा।
बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि नशे के धंधे में शामिल किसी भी छोटे या बड़े अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन आगे भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा।

