हिमाचल प्रदेश में सर्वर ठप होने पर अब क्यूआर कोड से मिलेगा राशन, उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

- Advertisement -

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी राशन डिपो के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में आधार प्रमाणीकरण सेवाओं के ठप होने पर भी क्यूआर कोड स्कैन करके राशन दिया जाएगा।

तकनीकी खराबी के कारण तीन दिन से वितरण व्यवस्था थी ठप

राज्य में पिछले तीन दिनों से मुख्य सर्वर में खराबी आने के कारण ई-पास मशीनों ने काम करना बंद कर दिया था। इससे राशन वितरण का काम पूरी तरह रुक गया था। जनता की इस परेशानी को देखते हुए विभाग ने तुरंत ई-पास मशीनों में उपलब्ध क्यूआर कोड आधारित वैकल्पिक व्यवस्था को लागू कर दिया है।

- Advertisement -

अधिकारियों ने दिए निर्देश बिना बाधा के सभी को मिले खाद्यान्न

प्रशासन ने तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के लिए संबंधित तकनीकी विभाग से संपर्क साधा है। जल्द ही मुख्य सेवाओं को बहाल कर दिया जाएगा। सरकार ने सभी उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे लाभार्थियों को बिना किसी रुकावट के तुरंत राशन उपलब्ध करवाएं।

अस्थायी व्यवस्था सामान्य होते ही पुरानी प्रणाली होगी बहाल

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अंतरिम यानी अस्थायी व्यवस्था है। जैसे ही बायोमेट्रिक और प्रमाणीकरण सेवाएं सामान्य होंगी, पुरानी व्यवस्था दोबारा लागू कर दी जाएगी। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी नजदीकी दुकान पर जाएं।

राज्य के लाखों राशन कार्डधारकों को मिलेगा सीधा लाभ

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब पांच हजार बहत्तर उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों के माध्यम से राज्य के लगभग उन्नीस लाख अड़तालीस हजार राशन कार्डधारकों को लाभ मिलता है। इस नए फैसले से चौहत्तर लाख से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

महीने के अंत में कोटा लैप्स होने का था बड़ा खतरा

सरकारी नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं को निर्धारित महीने का राशन उसी महीने उठाना अनिवार्य होता है। अगर कोई लाभार्थी महीने के अंतिम दिनों तक अनाज नहीं लेता, तो उसका कोटा लैप्स यानी रद्द हो जाता है। राज्य में पिछले महीने का बचा हुआ राशन अगले महीने देने की बैकलॉग व्यवस्था बंद है।

सर्वर बंद होने से परेशान थे सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीण

हमीरपुर और थाना कलां जैसे क्षेत्रों से कई मामले सामने आए जहां ग्रामीण डिपो के चक्कर काट रहे थे। सर्वर डाउन होने से उन्हें दो-दो घंटे इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा था। चूंकि महीने के अब केवल पांच दिन बचे हैं, इसलिए इस त्वरित फैसले से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles