हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 234 पंचायतें रेड जोन घोषित कर पुलिस ने लगाया कड़ा पहरा

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य की 234 पंचायतों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में तस्करों पर पैनी नजर रखने के लिए कड़ा पहरा लगा दिया है।

राज्य सरकार हिमाचल को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए एक विशेष एंटी चिट्टा मॉडल पर काम कर रही है। इस योजना के तहत पुलिस बल ने अब तक 174 बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। सरकार अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ पीड़ितों के पुनर्वास पर ध्यान दे रही है।

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एंटी चिट्टा मॉडल और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई

धर्मशाला के स्कूल शिक्षा बोर्ड सभागार में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस और टीबी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार पंचायत स्तर पर नशा करने वालों की मैपिंग हुई है।

इस विस्तृत सर्वे के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित 234 पंचायतों को रेड श्रेणी में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में पुलिस की गश्त और खुफिया निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है। सरकार इस नशामुक्ति अभियान में आम जनता की भागीदारी और सामाजिक सहयोग को बेहद जरूरी मान रही है।

नर्सिंग छात्रों का जागरूकता अभियान और प्रतियोगिताएं

इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रमुख नर्सिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, रोल प्ले, पोस्टर मेकिंग और फेस पेंटिंग के जरिए समाज को संदेश दिया। उन्होंने भाषण प्रतियोगिताओं से टीबी के लक्षणों और नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्रों और नोडल अधिकारियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर शिक्षा बोर्ड के सचिव विशाल शर्मा, जिला क्षयरोग उन्मूलन अधिकारी डॉक्टर आरके सूद और गुंजन संस्था के निदेशक विजय कुमार सहित कई गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

तस्करों के खिलाफ सख्त कानून के तहत एक्शन

नशा तस्करी रोकने के लिए प्रदेश में पिट-एनडीपीएस एक्ट को पूरी तरह सख्ती से लागू किया गया है। इस कड़े कानून के तहत पुलिस ने अब तक 174 बड़े अपराधियों को हिरासत में जेल भेजा है। ऐसी त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है।

नशे की लत में फंसे युवाओं को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए नए नशामुक्ति केंद्र बन रहे हैं। पुनर्वास केंद्रों के मानकीकरण की योजना अब अपने अंतिम चरण में है। लोग अब सामाजिक डर छोड़कर हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके मदद मांग रहे हैं।

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