Health News: शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से जोड़ों में असहनीय दर्द और सूजन की समस्या पैदा होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि खान-पान में लापरवाही इस स्थिति को बिगाड़ सकती है। यूरिक एसिड के मरीजों को अपनी डाइट में हाई-प्रोटीन और प्यूरिन वाली चीजों के चुनाव को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों के लिए मूंग की दाल सबसे उत्तम और सुरक्षित विकल्प मानी जाती है। यह दाल बहुत हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसमें प्यूरिन का स्तर बहुत कम होता है, जिससे शरीर में यूरिक एसिड लेवल बढ़ने का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
यूरिक एसिड में किन दालों से करें परहेज
जिन दालों में प्यूरिन और प्रोटीन की मात्रा अत्यधिक होती है, उनका सेवन दर्द और सूजन को तुरंत बढ़ा सकता है। यूरिक एसिड से पीड़ित लोगों को अरहर, चना दाल, मटर, राजमा, छोले और काले चने जैसी फलियों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। ये चीजें यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाने का काम करती हैं।
दालों के सेवन का सही तरीका भी स्वास्थ्य के लिए बहुत मायने रखता है। किसी भी दाल को बनाने से पहले उसे एक से दो घंटे पानी में भिगोकर रखें। इससे उसमें मौजूद एंटी-पोषक तत्व कम हो जाते हैं और वह आसानी से पचती है। दाल को अच्छी तरह गलने तक पकाएं और सादा तड़का लगाएं।
लाइफस्टाइल और अन्य खान-पान में सुधार
यूरिक एसिड को कम करने के लिए केवल डाइट ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में सुधार भी जरूरी है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड बाहर निकल सके। इसके अलावा पालक, टमाटर और बीज वाली सब्जियों का सेवन कम करें। मीठे ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना भी बहुत फायदेमंद है।
शराब, मांसाहार और अधिक तले-भुने भोजन का त्याग करना यूरिक एसिड के मरीजों के लिए अनिवार्य है। अपने भोजन में चावल और क्विनोआ जैसी हल्की चीजों को शामिल करें। रोजाना सुबह उठते ही गुनगुना पानी पिएं और नियमित रूप से हल्की वॉक जरूर करें। संतुलित भोजन ही आपके जोड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है।

