सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले से पलटी हिमाचल की राजनीति, क्या बच जाएगी सुक्खू सरकार की साख?

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Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को देश की सबसे बड़ी अदालत से बहुत बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य के विधायक स्थानीय निकाय चुनावों में वोट डाल सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक

जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के चार जून के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल कर तुरंत दखल देने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में वोट नहीं डाल सकते। हाई कोर्ट के अनुसार इन पदों के लिए केवल चुने हुए पार्षद ही वोटिंग कर सकते थे। इस फैसले के खिलाफ सुक्खू सरकार ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों पर दिखेगा विधायकों का असर

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब नगर निगम और नगर परिषदों के अध्यक्ष पदों के चुनाव में विधायकों का वोट बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायकों को वोटिंग का अधिकार मिलने से कई सीटों पर हारी हुई बाजी भी पूरी तरह पलट सकती है और नतीजे बदल सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में बीते महीने मई में ही स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं। इन चुनावों में विपक्षी दल भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। भाजपा ने राज्य के आठ जिला परिषदों पर अपना कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस को एक भी जिले में बहुमत नहीं मिल सका है।

Reported By: Sunita Gupta

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