Shimla News: हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रसिद्ध बैंड ‘हारमनी ऑफ पाइन्स’ के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर लोग इंस्पेक्टर के समर्थन में उतर आए हैं। इस बीच मीडिया रिपोर्टों में विजय कुमार पर लगे आरोपों को लेकर नए खुलासे हुए हैं।
विभाग ने निलंबित इंस्पेक्टर विजय कुमार को पहले एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन पर फेसबुक के माध्यम से छह हजार रुपये की कमाई करने के आरोप लगे हैं। हालांकि विजय कुमार ने यह पूरी राशि चेक के जरिए सरकारी खजाने में पहले ही जमा करवा दी थी।
वर्दी में नहीं बनाए वीडियो और वीआरएस का आवेदन भी हुआ खारिज
इंस्पेक्टर विजय ने नोटिस के जवाब में कहा कि उन्होंने निजी वीडियो पुलिस वर्दी में नहीं बनाए थे। उन्होंने छुट्टी के दौरान इन वीडियो की शूटिंग की थी। इससे उनका सरकारी कामकाज बिल्कुल प्रभावित नहीं हुआ था। हालांकि विभाग ने उनके इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना और उन्हें निलंबित कर दिया।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। इस प्रसिद्ध पुलिस बैंड में विजय कुमार के अलावा करीब 17 अन्य सदस्य शामिल हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के इस बैंड को लेकर नाखुश होने की बात भी सामने आई है।
विवाद बढ़ने के बाद इंस्पेक्टर विजय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए विभाग को आवेदन दिया था। उनका यह आवेदन खारिज कर दिया गया। विभाग का तर्क था कि इससे पुलिस की छवि खराब होगी। इस बैंड के फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं।
सोशल मीडिया से कमाई करने वाले कर्मचारियों पर सुक्खू सरकार सख्त
बीते साल इंस्पेक्टर विजय ने अपना एक भजन ‘किस्मत संवर जाएगी’ यूट्यूब पर रिलीज किया था। इस वीडियो को अब तक एक लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। मूल रूप से सिरमौर के राजगढ़ के रहने वाले विजय कुमार ने मंडी की महिला पुलिसकर्मी से विवाह किया है।
इस निलंबन कांड के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने सभी विभागों से सोशल मीडिया से कमाई कर रहे कर्मचारियों की सूची मांगी है। सरकारी नौकरी नियम-1964 का उल्लंघन करने वाले कर्मियों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

