Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सरकारी अस्पतालों में मैट्रन के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है। निदेशालय ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर पात्र वार्ड सिस्टरों का पूरा रिकॉर्ड भेजने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन ने पदोन्नति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों से पिछले तीन वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही वार्ड सिस्टरों का इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट, वार्ड एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स या बीएससी नर्सिंग डिग्री का पूरा विवरण भी मांगा गया है। विभाग इस डेटा की गहन जांच करेगा।
वरिष्ठता सूची के आधार पर मांगा पात्र कर्मियों का रिकॉर्ड
स्वास्थ्य विभाग ने 30 सितंबर 2025 तक की अंतिम वरिष्ठता सूची को इस भर्ती का आधार बनाया है। इसी सूची के अनुसार सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र वार्ड सिस्टरों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
इसके साथ ही दिव्यांग श्रेणी के उन कर्मचारियों का ब्योरा भी मांगा गया है, जिन्होंने चार साल की नियमित या निरंतर एडहॉक सेवा पूरी कर ली है। बशर्ते वे इस पद के लिए तय सभी जरूरी शैक्षणिक योग्यता रखते हों। विभाग इन सभी मामलों की समीक्षा प्राथमिकता के आधार पर कर रहा है।
खाली पदों और आगामी सेवानिवृत्ति की मांगी पूरी जानकारी
विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से मैट्रन के स्वीकृत पदों और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या की जानकारी मांगी है। अधिकारियों को सेवानिवृत्ति या पदोन्नति से खाली हुए पदों के साथ-साथ 31 मार्च 2027 तक खाली होने वाले संभावित पदों का पूरा विवरण भी तुरंत भेजने को कहा गया है।
उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता सूची में किसी भी जरूरी संशोधन की जानकारी तुरंत दी जाए। इससे भविष्य में पदोन्नति को लेकर किसी भी प्रकार का कानूनी विवाद पैदा नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग इस पूरी कसरत के जरिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग प्रबंधन को मजबूत करना चाहता है।

