Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के दोबारा सत्ता में आने का फैसला राज्य की जनता ही करती है। मुख्यमंत्री ने पूरा भरोसा जताया कि दो हजार सत्ताइस के चुनाव में भाजपा राज्य में नहीं जीतेगी।
कांग्रेस की बैठक में भाजपा के झूठे प्रचार का जवाब देने की रणनीति
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी शिमला में प्रदेश कांग्रेस की दो दिवसीय बड़ी संगठनात्मक बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने पर गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही विपक्षी दल भाजपा के झूठे प्रचार का कड़ा जवाब देने की रणनीति बनाई गई है।
सुक्खू ने कहा कि इस दो दिवसीय बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांगठनिक विषयों पर मंथन हुआ। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी और किन्नौर कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच मतभेद पर उन्होंने खुलकर बात की। उन्होंने साफ किया कि विचारों का अलग होना स्वाभाविक है, पर इसे विवाद नहीं कहना चाहिए।
नेगी और भंडारी विवाद सुलझेगा, कैबिनेट विस्तार का फैसला हाईकमान करेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर आपसी बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ मंत्री जगत सिंह नेगी ने शीर्ष नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने केवल अपनी बात रखी थी, जिसे पार्टी के भीतर ही हल कर लिया जाएगा।
मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इसका अंतिम फैसला केवल दिल्ली में बैठा कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। उन्होंने स्वीकारा कि कैबिनेट में एक पद अभी भी खाली है, जिसे जल्द भरना जरूरी है। राजनीतिक मामलों की समिति की आगामी बैठक इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला बेहद गंभीर मामला, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि मौसम ठीक रहा तो सोलह और सत्रह जुलाई की बैठक तय समय पर ही होगी। उन्होंने संकेत दिया कि खाली मंत्री पद को जल्द से जल्द भर दिया जाएगा। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा घोटाले को उन्होंने एक बेहद गंभीर मामला बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान राम सभी के आराध्य हैं। प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रदेश में सरकारी छुट्टी घोषित की गई थी। कांग्रेस का मानना है कि भगवान के नाम पर चढ़ावे में हेरफेर करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

