Mandi News: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार प्राकृतिक आपदा प्रभावित स्कूलों के भवनों का पुनर्निर्माण प्राथमिकता से कर रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए राज्य बजट से पर्याप्त बजट जारी किया गया है।
शिक्षा मंत्री रविवार को मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के देयोरी में विभिन्न स्कूल भवनों के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है और सरकार छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी।
हिमाचल सरकार का लक्ष्य, 10 हजार शिक्षकों की होगी नियुक्ति
रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों और प्राध्यापकों की नियुक्ति का बड़ा लक्ष्य रखा है। इनमें से लगभग 8 हजार पदों पर नियुक्तियां पहले ही पूरी हो चुकी हैं। बाकी पदों को भी सरकार जल्द ही पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से भरने जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पहली बार सरकारी स्कूलों के 50 मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दौरे पर विदेश भेजा है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को वैश्विक स्तर का अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही समग्र शिक्षा अभियान के तहत इस बार रिकॉर्ड 90 से 100 फीसदी बजट खर्च हुआ है।
साक्षरता दर में हिमाचल आगे, भूमिदाताओं को किया सम्मानित
शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2025 में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है। इस शानदार आंकड़े के साथ हिमाचल प्रदेश अब देश के पूर्ण साक्षर राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए बहुत गर्व की बात है।
कार्यक्रम के दौरान रोहित ठाकुर ने स्कूल के लिए अपनी जमीन दान करने वाली दासी देवी और उनकी बेटियों पुनी देवी व चिंता देवी को सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में टॉप-10 में जगह बनाने वाली छात्रा नेहा को भी सम्मानित किया। उन्होंने महिला मंडल को प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।

