Haryana News: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में हरियाणा के बहादुरगढ़ के एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक आठ साल का बच्चा और उसकी दादी भी शामिल हैं। यह भयानक हादसा उस समय हुआ जब हरिद्वार जा रही कार के ड्राइवर ने रास्ता चूकने के बाद गाड़ी को अचानक रिवर्स गियर में पीछे लेना शुरू कर दिया था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बहादुरगढ़ से परिवार के 13 सदस्य दो अलग-अलग कारों में सवार होकर हरिद्वार की धार्मिक यात्रा पर निकले थे। सफर के दौरान एक कार आगे निकल गई थी जबकि दूसरी कार करीब सात से आठ किलोमीटर पीछे चल रही थी। हरिद्वार पहुंचने से महज एक घंटे पहले ही पीछे चल रही कार के ड्राइवर से यह बड़ी चूक हो गई।
सहारनपुर के पास गलत एग्जिट और खतरनाक तरीके से बैक गियर
पीछे चल रही गाड़ी एक्सप्रेसवे पर सहारनपुर के हालगोया के पास अपना सही कट (एग्जिट) भूल गई। इस चूक के कारण कार गलती से सीधे एक लंबे फ्लाईओवर पर चढ़ गई। इसके बाद ड्राइवर ने नीचे उतरने के लिए चलती सड़क पर ही गाड़ी को अचानक बैक करना शुरू कर दिया। इसी दौरान पीछे से बहुत तेज रफ्तार में आ रही एक एसयूवी ने कार को जोरदार टक्कर मार दी।
इस भीषण टक्कर में आठ साल के शिवांश, उसकी 65 वर्षीय दादी सुदेश देवी, 42 वर्षीय चाचा प्रवीण और 33 वर्षीय चाची प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में प्रवीण के भाई जयदेव भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अभी बेहद नाजुक बनी हुई है। पूरी दुर्घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
राजमार्ग पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और बिखर गया पूरा परिवार
यह दर्दनाक घटना दोपहर करीब तीन बजे की है। मृतक प्रवीण और घायल जयदेव दोनों भाई बहादुरगढ़ में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस चलाते थे। इस हादसे के बाद अब परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हादसे में जान गंवाने वाले माता-पिता अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गए हैं, जो दुर्घटना के वक्त आगे चल रही दूसरी सुरक्षित गाड़ी में मौजूद थे।
एक्सप्रेसवे पर हुई इस भयानक दुर्घटना ने देश के सभी चालकों को एक बड़ा सबक दिया है। अक्सर लोग हाईवे पर सही कट या एग्जिट छूट जाने के बाद गाड़ी को खतरनाक तरीके से रिवर्स करने लगते हैं। तेज रफ्तार वाले इस मार्ग पर अचानक ब्रेक मारना या गाड़ी पीछे लेना जानलेवा साबित होता है। चालकों को हमेशा अगले सुरक्षित मोड़ का इंतजार करना चाहिए।

