Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से नशे के काले कारोबार की एक बड़ी खबर सामने आई है। शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कुल्लू के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से एक किलो से ज्यादा चरस बरामद हुई है। इस पुलिस कार्रवाई ने इलाके के तस्करों में हड़कंप मचा दिया है।
गाड़ी में डिलीवरी देने शिमला पहुंचे थे तस्कर
मंगलवार की शाम को पुलिस को एक बेहद गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस को पता चला कि कुल्लू जिले के दो युवक अपनी गाड़ी में भारी मात्रा में चरस लेकर आए हैं। यह दोनों युवक शिमला में किसी को इस चरस की डिलीवरी देने वाले थे। सूचना मिलते ही बालूगंज थाना क्षेत्र की पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस की टीम ने बिना देरी किए टुटू इलाके में अपना जाल बिछा दिया।
तलाशी के दौरान कैरी बैग से निकला काला सच
टुटू इलाके में पुलिस ने संदिग्ध गाड़ी को रोक लिया। पुलिस टीम ने तुरंत गाड़ी की सघन तलाशी शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को गाड़ी के अंदर से एक कैरी बैग मिला। कैरी बैग के अंदर छोटे-छोटे पैकेट बनाकर रखे गए थे। इन पैकेटों में कुल 1 किलो 55 ग्राम चरस भरी हुई थी। इस चरस को देखकर पुलिस ने तुरंत गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कसा शिकंजा
पुलिस ने दोनों आरोपियों को तुरंत मौके से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुल्लू के मशाडा निवासी कमलेश कुमार और इन्द्रजीत के रूप में हुई है। कमलेश की उम्र 35 वर्ष और इन्द्रजीत की उम्र 28 वर्ष बताई जा रही है। बालूगंज पुलिस स्टेशन में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
नशे के काले नेटवर्क की जड़ें तलाश रही पुलिस
अब पुलिस इन दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह चरस कहां से आई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शिमला में यह चरस किसे दी जानी थी। इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उम्मीद है कि पुलिस पूछताछ में नशे के इस बड़े नेटवर्क के कई और चेहरे बेनकाब होंगे।


