टेंडर घोटाले में ‘IAS भैया’ का खौफनाक कनेक्शन, मास्टरमाइंड रिशुश्री के मोबाइल से खुले ED के सामने कई राज

Ranchi News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में कथित टेंडर घोटाले को लेकर एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड रिशुश्री और राज्य सरकार के एक बेहद वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के बीच बेहद करीबी संबंधों की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी को पक्का संदेह है कि यह संपर्क केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं था। इसका इस्तेमाल बहुत बड़े और प्रभावशाली स्तर पर किया जा रहा था। ईडी के हाथ लगे दस्तावेजों और सूत्रों के अनुसार, रिशुश्री अपने मोबाइल फोन और बातचीत में संबंधित अधिकारी को ‘IAS भैया’ कहकर संबोधित करता था।

केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि इसी रसूखदार पहचान और निकटता का इस्तेमाल वह सरकारी महकमों में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए करता था। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि रिशुश्री कथित तौर पर बड़ी सरकारी निविदाओं (टेंडरों) को अपने पक्ष में कराने के लिए इस मजबूत नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था।

मोबाइल से मिले कई अहम डिजिटल सुराग

जांच एजेंसी को कई बड़ी टेंडर प्रक्रियाओं में मनमुताबिक प्रभाव डालने और अपने अनुकूल निर्णय हासिल करने की कोशिशों के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी द्वारा जब्त किए गए रिशुश्री के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं।

इन जानकारियों में कई प्रभावशाली अधिकारियों और अन्य बड़े संपर्कों के नाम भी सामने आए हैं। यह सभी नाम कथित रूप से इस भ्रष्ट नेटवर्क के दूर तक फैले विस्तार की ओर साफ इशारा करते हैं। इसके बाद से ही प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

ईडी अब बहुत बारीकी से यह जांच कर रही है कि संबंधित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की भूमिका केवल सामान्य परिचय तक ही सीमित थी या फिर सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों को प्रभावित करने में भी उनकी कोई सीधी संलिप्तता रही है। इस मुख्य बिंदु पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

खुलेंगी टेंडर मैनेजमेंट की सारी परतें

जांच एजेंसी का मानना है कि इस संवेदनशील मामले की गहन जांच से टेंडर मैनेजमेंट, प्रभावशाली लोगों की भूमिका और कथित भ्रष्टाचार के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है। एजेंसी इस समय सभी डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण करने में जुटी है।

आने वाले दिनों में इस मामले में जुड़े कुछ और सफेदपोशों पर शिकंजा कसा जा सकता है। ईडी इस नेटवर्क से जुड़े हर एक संदिग्ध ट्रांजैक्शन और चैट्स को खंगाल रही है, ताकि अदालत के सामने इस बड़े टेंडर घोटाले के पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।

Author: Rohit Mahato

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