Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कानून की धज्जियां उड़ाने का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। यहां ‘X श्रेणी’ की सुरक्षा प्राप्त एक व्यक्ति ने अपनी निजी फॉर्च्यूनर कार को सरकारी गाड़ी जैसा दिखाने की कोशिश की। वाहन में बिना अनुमति के हूटर, फ्लैग रॉड और अवैध सर्च लाइटें लगी हुई थीं। शिमला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गाड़ी को बीच सड़क पर रोक लिया। नियम तोड़ने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारी चालान किया गया है।
वायरलेस संदेश के बाद घेराबंदी कर पकड़ा गया वाहन
शिमला पुलिस को गुरुवार सुबह एक वायरलेस संदेश के जरिए सूचना मिली थी। संदेश में बताया गया कि गाड़ी संख्या HP-82-0070 ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रही है। यह वाहन राजधानी की सड़कों पर अनधिकृत रूप से हूटर का शोर मचाते हुए दौड़ रहा था। इसके तुरंत बाद पुलिस की विशेष टीम और मोटरसाइकिल सवार जवानों ने मुस्तैदी दिखाई। पुलिस ने शिमला के पास नाकाबंदी कर इस संदिग्ध सफेद फॉर्च्यूनर को जांच के लिए रोक लिया।
निजी गाड़ी में फ्लैग रॉड और सर्च लाइटों का अवैध जाल
पुलिस द्वारा वाहन के निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। नियमों को ताक पर रखकर निजी कार में न केवल हूटर लगा था, बल्कि फ्लैग रॉड और अतिरिक्त सर्च लाइटें भी फिट की गई थीं। कानून के अनुसार, किसी भी निजी वाहन में ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके लिए गृह विभाग से विशेष अनुमति लेनी अनिवार्य होती है। बिना अनुमति के इन उपकरणों का प्रयोग करना एक गंभीर कानूनी अपराध है।
VIP सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति ने पुलिस से की बदसलूकी
वाहन में सवार व्यक्ति की पहचान युद्ध चंद बैंस के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने के बजाय अधिकारियों के साथ तीखी बहस की। उन्होंने वैधानिक कार्रवाई में बाधा डालने की भी कोशिश की। जब पुलिस ने मौके पर ही हूटर हटाने के निर्देश दिए, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। वह अधिकारियों को रौब दिखाते हुए मौके से चले गए। इसके बाद पुलिस ने कानून का पालन करते हुए ऑनलाइन चालान जारी कर दिया।
विजिलेंस के रडार पर हैं आरोपी, पुलिस का सख्त संदेश
एक और अहम जानकारी सामने आई है कि युद्ध चंद बैंस हिमाचल प्रदेश विजिलेंस विभाग के एक मामले में पहले से ही आरोपी हैं। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की ‘X श्रेणी’ सुरक्षा किसी को भी कानून तोड़ने का लाइसेंस नहीं देती। कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं। एसएसपी शिमला ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी पद या सुरक्षा श्रेणी से जुड़े व्यक्ति द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


