Mumbai News: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने 9 साल की मासूम लावन्या की एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी साझा की है। गंभीर बीमारी के चंगुल से छूटकर जिंदगी की जंग जीतने वाली लावन्या की यह दास्तां आधुनिक चिकित्सा और मां के अटूट विश्वास का अनूठा उदाहरण है।
दिल पूरी तरह फेल होने के बाद नाजुक हालत में पहुंची अस्पताल
मासूम लावन्या को जब पहली बार दक्षिण मुंबई के गिरगांव स्थित सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल लाया गया था, तब उसकी स्थिति गंभीर थी। डॉक्टरों के अनुसार उसका दिल लगभग फेल होने की कगार पर था। लावन्या को बचाने के लिए डॉक्टरों ने तुरंत हार्ट ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी थी।
मुश्किल घड़ी में पिता ने छोड़ा साथ, अकेले लड़ती रही बहादुर मां
नीता अंबानी ने बताया कि इस बेहद कठिन और दर्दनाक समय में लावन्या के पिता ने उसका साथ छोड़ दिया था। इसके बाद उसकी मां ने अकेले ही इलाज के भारी आर्थिक दबाव और भावनात्मक संकट का सामना किया। वे बिना हिम्मत हारे लगातार अस्पताल में अपनी बेटी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं।
उम्मीद की आखिरी किरण बनकर सामने आया रिलायंस फाउंडेशन
लावन्या के परिवार की लाचारी को देखते हुए रिलायंस फाउंडेशन आगे आया और इलाज का पूरा जिम्मा उठाया। फाउंडेशन के सहयोग से डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल हार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मेडिकल स्टाफ की चौबीस घंटे की निगरानी के बाद मासूम बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
अब फिर से स्कूल जा रही है लावन्या, नीता अंबानी ने डॉक्टरों को बताया भगवान
सफल सर्जरी के बाद लावन्या अब पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही है और फिर से स्कूल जाने लगी है। इस सफर को याद करते हुए भावुक नीता अंबानी ने कहा कि हर अस्पताल एक मंदिर की तरह होता है और मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर किसी साक्षात भगवान से कम नहीं हैं।
Author: Spiritual


