Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की देहरा नगर परिषद में राजनीतिक ड्रामा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस पार्टी के पास पूर्ण बहुमत होने के बावजूद आंतरिक कलह खुलकर सड़क पर आ गई है। नए पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद पहली बैठक में कोरम पूरा नहीं हो सका। इसके चलते अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव टल गया है।
विधायक कमलेश ठाकुर के सामने पार्षदों की तीखी बगावत
इस हाई-वोल्टेज बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और स्थानीय विधायक कमलेश ठाकुर ने की। उन्होंने सभी पार्षदों से एकजुट होकर काम करने की भावुक अपील की। विधायक ने कहा कि चेयरमैन बनाने में कोई समस्या नहीं है, क्योंकि सभी पार्षदों में नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। हालांकि, पर्दे के पीछे की नाराजगी दूर नहीं हो सकी।
पार्टी के पुराने वफादारों ने लगाया बेइमानी का बड़ा आरोप
देहरा मिनी सचिवालय में आयोजित इस मीटिंग में कांग्रेस के चार पार्षद ही उपस्थित रहे। इसमें निष्ठा चंबियाल, उपासना सूद, किरण और किरण शर्मा शामिल हुईं। वहीं, वार्ड नंबर-3 के कांग्रेस समर्थित पार्षद नरेश कुमार बैठक में आए, लेकिन बेहद नाराज होकर तुरंत बाहर चले गए। उनके परिजनों ने विधायक के सामने ही पार्टी पर बेइमानी के गंभीर आरोप लगाए।
पार्षद नरेश कुमार के चाचा ने भरे मंच पर रोष जताते हुए कहा कि हमारी तीन पीढ़ियों ने पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया है। आज हमारे साथ ही धोखा किया जा रहा है। इस तीखी बहस के बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। दूसरी तरफ, विपक्ष के रूप में भाजपा के दोनों पार्षद भी जानबूझकर इस महत्वपूर्ण बैठक से पूरी तरह गायब रहे।
अब 19 जून की अगली बैठक पर टिकी सबकी नजरें
नगर परिषद में कुल सात पार्षदों की मौजूदगी अनिवार्य थी, लेकिन आपसी खींचतान के कारण कोरम पूरा नहीं हो पाया। प्रशासन ने अब इस चुनाव के लिए 19 जून की नई तारीख तय की है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अध्यक्ष पद की दौड़ में इस समय किरण और निष्ठा चंबियाल के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
कांग्रेस हाईकमान के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलाके का सामाजिक और जातीय समीकरण साधना है। एक तरफ नाराज पार्षदों को मनाना है, तो दूसरी तरफ गुटबाजी को खत्म कर बोर्ड बनाना है। अब देखना यह होगा कि 19 जून को देहरा नगर परिषद के अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजता है और कांग्रेस इस संकट से कैसे उबरती है।
Reported By: Sunita Gupta


