Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सनसनीखेज मनीषा मित्तल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अदालत ने गिरफ्तार दोनों शूटरों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस इस पूरी वारदात की साजिश रचने वाले मुख्य मास्टरमाइंड को बेनकाब करने में जुट गई है।
पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से आरोपी आशीष (22) और दीपक (25) को वारदात के महज 40 घंटे के भीतर दबोच लिया था। आरोपियों के पास से दो अवैध पिस्टल भी बरामद हुई हैं। अदालत ने दोनों अपराधियों को 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजकर गहन पूछताछ की अनुमति दे दी है।
कांट्रैक्ट किलिंग और पुरानी दुश्मनी के एंगल से जांच तेज
पुलिस इस खूनी खेल की जांच कांट्रैक्ट किलिंग और पुरानी आपसी रंजिश के एंगल से कर रही है। पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उन पर पहले से जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं। पेशेवर अपराधियों की पृष्ठभूमि से साफ है कि वे इस केस में सिर्फ मोहरे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने अब कई बड़े सवाल खड़े हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन शार्प शूटरों को शिमला किसने भेजा था। हत्या की यह मोटी सुपारी किसने और कितने लाख रुपये में दी थी? पुलिस बहुत जल्द इस पूरी खूनी साजिश का पर्दाफाश कर सकती है।
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल 17 जून तक बंद रहेगा
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की डायरेक्टर मनीषा मित्तल की बेरहमी से हत्या के बाद बच्चे और उनके माता-पिता बेहद डरे हुए हैं। पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन और स्कूल मैनेजमेंट की बैठक के बाद स्कूल को 17 जून तक बंद रखने का बड़ा फैसला लिया गया है।
बच्चों के माता-पिता ने साफ कहा है कि वे सुरक्षा की गारंटी के बिना अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उन्होंने स्कूल के तीनों मुख्य गेटों पर पक्के सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग की है। अब 18 जून को होने वाली अगली रिव्यू मीटिंग में आगे का फैसला होगा।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाना पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता है। पुलिस रिमांड के दौरान अपराधियों से बेहद सख्त पूछताछ की जाएगी। इस खूनी साजिश के पीछे छिपे सभी सफेदपोश चेहरों को बेनकाब कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
Reported By: Sunita Gupta


