Himachal News: रामपुर की पोक्सो अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अर्जुन सिंह को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इस दरिंदगी का खुलासा डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के बाद हुआ था।
शौच के लिए गई नाबालिग का किया था अपहरण
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने इस संगीन मामले की पूरी जानकारी दी है। यह शर्मनाक घटना जनवरी 2023 में रिकांगपिओ में हुई थी। पीड़िता अपने परिवार के साथ वहां आई थी। एक दिन जब वह शौच के लिए गई, तो आरोपी अर्जुन सिंह ने उसे जबरन अगवा कर लिया। इसके बाद आरोपी ने उसे अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपा दिया। परेशान परिजनों ने तुरंत पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
मेडिकल जांच में छह महीने की गर्भवती मिली पीड़िता
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद नाबालिग की सरगर्मी से तलाश शुरू की। पुलिस ने जब पीड़िता को बरामद किया, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग छह महीने की गर्भवती है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। बाद में पीड़िता ने एक शिशु को जन्म दिया। पुलिस ने इस मामले में अहम सुराग जुटाने के लिए कड़ी मेहनत की।
डीएनए रिपोर्ट बनी मामले में सबसे बड़ा और अहम सबूत
शिशु के जन्म के बाद उसका डीएनए टेस्ट करवाया गया। इस मेडिकल रिपोर्ट ने मामले की पूरी गुत्थी सुलझा दी। रिपोर्ट में साबित हो गया कि आरोपी अर्जुन सिंह ही उस बच्चे का असली पिता है। यह वैज्ञानिक साक्ष्य पुलिस की जांच में सबसे बड़ा आधार बना। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाह पेश किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से केवल एक गवाह की गवाही दर्ज की गई।


