Jamshedpur News: उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उपायुक्त ने ग्रीष्मावकाश के बाद सभी अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने का सख्त निर्देश दिया है।
लापरवाह स्कूल वाहन चालकों पर प्रशासन कसेगा शिकंजा
प्रशासन अब बिना फिटनेस और बिना परमिट वाले जर्जर वाहनों को सड़कों पर चलने नहीं देगा। ओवरलोडिंग करने वाले ऑटो और वैन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा।
हाल ही में स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद स्कूल वाहन संचालन समिति ने भी ओवरलोडिंग रोकने का भरोसा दिया था। अब प्रशासन ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है और नियमों की अनदेखी पर सीधे केस दर्ज होगा।
सड़क हादसों के भयावह आंकड़ों पर उपायुक्त ने जताई चिंता
उपायुक्त ने अप्रैल महीने में हुई 31 सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इन दर्दनाक हादसों में 24 मासूम लोगों की जान गई थी और 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार करीब 90 प्रतिशत हादसे तेज रफ्तार और ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण हुए थे।
प्रशासन ने अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सभी ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करने का आदेश दिया है। इन खतरनाक जगहों पर रंबल स्ट्रिप, रेडियम संकेतक और क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस को बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ रोजाना चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया है।
बैठक में हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में रूरल एसपी, एसडीएम धालभूम, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में यातायात अनुशासन को बेहतर बनाना है।
Author: Rohit Mahato

