Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक विशेष पाक्सो (POCSO) अदालत ने एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के दोषी अमरदीप उर्फ अमरजीत को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कुमार प्रशांत ने दोषी पर सजा के साथ-साथ 30 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा, अदालत ने पीड़ित किशोरी को उचित आर्थिक मदद और मुआवजा दिलाने के लिए अपने इस आधिकारिक आदेश की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष और सरकारी वकील ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए कोर्ट को बताया कि इस जघन्य वारदात के संबंध में पीड़ित किशोरी के लाचार पिता ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में 19 अगस्त 2022 को एक नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी।
धमकी देकर 6 महीने तक किया शारीरिक शोषण
पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि वह मूलरूप से एक मजदूर है और अपने पूरे परिवार के साथ गोमतीनगर इलाके में किराए का कमरा लेकर रहता था। उनके घर के पड़ोस में रहने वाले आरोपी अमरदीप ने करीब छह महीने पहले उसकी नाबालिग बेटी को अकेला पाकर डराया-धमकाया था।
दोषी अमरदीप ने किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उसने मासूम बच्ची को जुबान बंद रखने की सख्त धमकी दी थी। दोषी ने कहा था कि अगर उसने इस बारे में किसी को भी कुछ बताया, तो वह उसके पिता और सगे भाई की बेरहमी से हत्या कर देगा।
लगातार डराने-धमकाने के कारण पीड़िता खामोश रही, जिससे वह गर्भवती हो गई। जब बेटी के गर्भवती होने की बात परिवार के सामने आई, तो आरोपी डरकर अपना घर छोड़कर कहीं दूर भाग गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए थे।
Author: Raj Thakur


