Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चिट्टे के जानलेवा नशे ने एक और हंसते-खेलते परिवार के चिराग को बुझा दिया है। यहां ठियोग क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर नशीले इंजेक्शन का सेवन किया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी दोस्त के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
होटल स्टाफ क्वार्टर में दोस्तों के साथ ली नशीली डोज
यह दर्दनाक घटना ठियोग के एक निजी होटल के स्टाफ क्वार्टर में सामने आई। चश्मदीद गवाह हरदीप सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह होटल में वेटर का काम करता है। वह अपने दो साथियों उमेश और करण के साथ कमरे में रहता था। बीती उन्नीस जून की रात को करण का दोस्त बलवंत उर्फ रवि रावत वहां आया था।
गवाह हरदीप के मुताबिक, आरोपी बलवंत और मृतक करण ने कमरे के भीतर सफेद गांठ जैसे नशीले पदार्थ को पानी के साथ गर्म किया। इसके बाद दोनों ने उसे सिरिंज में भरकर अपने शरीर में इंजेक्ट कर लिया। इस जानलेवा डोज को लेने के कुछ ही समय बाद करण की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
फोरेंसिक और विसरा रिपोर्ट से खुलेगा मौत का असली राज
ठियोग थाना पुलिस ने चश्मदीद के बयान के आधार पर आरोपी बलवंत के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच और शिकायत में इस पदार्थ को ‘चिट्टा’ बताया गया है। हालांकि, मौत की असली तकनीकी वजहों का सटीक खुलासा विसरा रिपोर्ट और फोरेंसिक लैब की अंतिम जांच के बाद ही हो सकेगा।

