चंडीगढ़ में धर्मेंद्र प्रधान के दौरे का कांग्रेस ने किया विरोध, भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस

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Chandigarh News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के चंडीगढ़ दौरे के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री को काले झंडे दिखाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार रोजगार के मुद्दे पर विफल रही है।

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना ने कहा कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली से परेशान है। पेपर लीक और रोजगार के कम होते अवसरों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया है।

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आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

कांग्रेस के विरोध के बीच, भाजपा चंडीगढ़ की ओर से सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि उस समय तत्कालीन सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश के संविधान और नागरिक अधिकारों को कुचल दिया था।

प्रधान ने बताया कि आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। विपक्षी नेताओं और हजारों लोकतंत्र के सेनानियों को जेलों में ठूंस दिया गया था। उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संदेश देते हुए कहा कि भारत दुनिया में लोकतंत्र की जननी है और इसे हमेशा सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है।

लोकतंत्र सेनानियों का किया गया सम्मान

इस कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों देशराज टंडन, जतिंदर चोपड़ा, ओम प्रकाश आहूजा, सुरिंदर महाजन और धर्मवीर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद सत्य पाल जैन ने अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उस दौर में सत्ता ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोध को कुचलने का प्रयास किया था।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, राज्यसभा सांसद रेखा वर्मा, मेयर सौरभ जोशी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ उन सभी सेनानियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने उस कठिन दौर में भी लोकतंत्र को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था।

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