Gold Price Dropping: मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों के दबाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार लुढ़क रहे सोने के दाम

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New Delhi News: अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। शुक्रवार को कमोडिटी मार्केट में सोने के भाव एक बार फिर टूट गए हैं, जिससे यह लगातार चौथे हफ्ते भारी नुकसान की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों ने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर के करीब पहुंचा सोना

वैश्विक बाजार में शुक्रवार सुबह स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) करीब 4,022.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इसी तरह अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी गिरावट के साथ 4,038.10 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे सप्ताह में सोने की कीमतों में करीब 3.4 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

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मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कमजोर पड़ रही सोने की डिमांड

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से अन्य विदेशी मुद्राओं में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है। इसकी वजह से फिजिकल मार्केट में कीमती पीली धातु की मांग बहुत कमजोर पड़ जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर चौतरफा दबाव बढ़ जाता है।

यूएस में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका

अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़ों ने भी ग्लोबल इनवेस्टर्स की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। मई महीने में वहां की महंगाई दर तीन साल के उच्च स्तर यानी 4% से ऊपर पहुंच गई है। इस आंकड़े के सामने आने के बाद यह उम्मीद काफी मजबूत हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस साल अपनी ब्याज दरों में कई बार बढ़ोतरी कर सकता है।

सितंबर में फेड रेट बढ़ने की संभावना से निवेशक परेशान

कमोडिटी मार्केट के विश्लेषकों के अनुसार, फिलहाल ग्लोबल मार्केट आगामी सितंबर महीने में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को करीब 63% मानकर चल रहा है। यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का यह फैसला लिया जाता है, तो बिना ब्याज वाले एसेट यानी सोने की कीमतों पर आगे भी इसी तरह का दबाव बना रह सकता है।

पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव का बड़ा असर

ग्लोबल मार्केट पर सिर्फ डॉलर की तेजी का ही असर नहीं है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शुरुआती शांति समझौते को लेकर भी निवेशक असमंजस में हैं। ओमान के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए अचानक हमले की घटना के बाद इस क्षेत्र में फिर से जियोपॉलिटिकल अस्थिरता बढ़ने की आशंका बहुत तेज हो गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नई पाबंदियों से बाजार में बेचैनी

क्षेत्र में तनाव बढ़ता देख संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपनी स्वैच्छिक व्यवस्था को फिलहाल के लिए रोक दिया है। इस बड़े सुरक्षा घटनाक्रम के बाद वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी मार्केट में एक बार फिर बेचैनी काफी बढ़ गई है, जिससे सोने में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

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