Financial Rules Change July 2026: 1 जुलाई से बदलने जा रहे हैं क्रेडिट कार्ड और आईटीआर से जुड़े ये जरूरी नियम, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

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New Delhi News: जुलाई 2026 की शुरुआत के साथ ही देश में कई बड़े वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं। इन नए बदलावों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, पेंशनर्स और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। इनमें मुख्य रूप से आईटीआर (ITR) फाइलिंग की डेडलाइन और क्रेडिट कार्ड के नए नियम शामिल हैं।

HDFC Bank के क्रेडिट कार्ड पर लाउंज एक्सेस के नियम बदलेंगे

1 जुलाई 2026 से एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के ‘Regalia Gold’ और ‘Diners Club Privilege’ क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियम बदल जाएंगे। नए नियमों के मुताबिक, रेगालिया गोल्ड कार्डधारकों को फ्री डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा का लाभ लेने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए खर्च करना जरूरी होगा।

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SBI Card भी रिवॉर्ड पॉइंट्स पर लगाने जा रहा है कैपिंग

एसबीआई कार्ड (SBI Card) भी 1 जुलाई 2026 से अपने ‘PhonePe SBI Card Purple’ और ‘PhonePe SBI Card Select Black’ पर नए नियम लागू करेगा। इसके तहत हर महीने मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक मैक्सिमम लिमिट तय कर दी जाएगी, जिससे ज्यादा पॉइंट्स नहीं मिलेंगे।

इंश्योरेंस प्रीमियम और ऑनलाइन शॉपिंग पर कम मिलेंगे पॉइंट्स

एसबीआई कार्ड के नए अपडेट के अनुसार, इंश्योरेंस प्रीमियम और अन्य खर्चों के लिए अब अलग-अलग लिमिट लागू होगी। इसके साथ ही ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस पर मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स भी पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएंगे, जिससे कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को थोड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

टैक्सपेयर्स ध्यान रखें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले सामान्य टैक्सपेयर्स को हर हाल में 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न फाइल करना होगा। वहीं, ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने वाले ऐसे करदाता, जिनका कोई टैक्स ऑडिट नहीं होता है, वे आगामी 31 अगस्त 2026 तक अपना रिटर्न सबमिट कर सकते हैं।

लेट रिटर्न फाइल करने पर लगेगा भारी जुर्माना और होगी हानि

अगर टैक्सपेयर्स तय समय सीमा के भीतर अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो उन्हें भारी पेनल्टी (जुर्माना) देनी पड़ सकती है। इसके साथ ही समय पर आईटीआर न भरने से कई तरह की टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा और बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी खत्म हो जाएगी।

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