आगरा के सर्राफा बाजार में अवैध ‘डब्बा’ ट्रेडिंग का खौफ: फंसे करीब 500 करोड़ रुपये, सैकड़ों परिवार हुए तबाह

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा के सर्राफा बाजार में अवैध डब्बा कारोबार के कारण करीब पांच सौ करोड़ रुपये की भारी-भरकम देनदारी फंस गई है। अनधिकृत लेनदेन और सट्टेबाजी के इस दलदल में फंसकर सैकड़ों कारोबारी परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

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पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में आए बड़े बदलावों ने इन स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। भुगतान को लेकर मिल रही धमकियों और बढ़ते दबाव के कारण बाजार में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है।

दुबई से संचालित हो रहा है सट्टेबाजी का पूरा रैकेट

पीड़ित कारोबारियों का आरोप है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क का संचालन सीधे दुबई में बैठे आकाओं के इशारे पर हो रहा है। शहर के कुछ स्थानीय ब्रोकर आम व्यापारियों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर इस खौफनाक जाल में फंसाते हैं।

डब्बा ट्रेडिंग वास्तव में एक अवैध वायदा एक्सचेंज है। इसमें ऑपरेटर असली शेयर बाजार के लाइव भाव की नकल कर एक फर्जी सॉफ्टवेयर चलाते हैं। निवेशकों के ऑर्डर कभी भी मुख्य एक्सचेंज तक नहीं पहुंचते और सारा लेनदेन गुप्त सर्वर पर होता है।

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धमकी और दबाव देकर की जा रही है वसूली

पीड़ितों के अनुसार, नुकसान होने के बाद वसूली के लिए दबंगों का सहारा लिया जा रहा है। कई ब्रोकर महज दो-तीन साल में ही इस अवैध काम से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन बैठे हैं, जबकि छोटे कारोबारी अपनी दुकानें छोड़कर गायब हैं।

पिछले दो दशकों में यह डब्बा कारोबार पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। अब अवैध मोबाइल ऐप, वेबसाइट और वीपीएन सर्वर के जरिए फर्जी बैंक खातों से इसका संचालन किया जाता है। सेबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे डिजिटल नेटवर्क पर पैनी नजर रख रही हैं।

सॉफ्टवेयर के जरिए कीमतों और सर्किट में हेरफेर

इस अवैध कारोबार में संचालक का अपने सर्वर पर पूरा नियंत्रण होता है, जिससे वह मनमाने ढंग से कीमतों में बदलाव कर देता है। ग्राहकों का मुनाफा रोकने के लिए नकली सर्किट लगा दिए जाते हैं और जानबूझकर स्टॉप-लॉस हिट कराया जाता है।

मोटे मुनाफे वाले ऑर्डर्स को अक्सर सर्वर एरर या नेटवर्क समस्या बताकर रिजेक्ट कर दिया जाता है। चूंकि यह पूरी ट्रेडिंग अवैध और सरकारी निगरानी से बाहर होती है, इसलिए ठगे गए निवेशकों को कोई भी कानूनी सुरक्षा या मुआवजा नहीं मिल पाता है।

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