Bhopal News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में कथित घोटाले को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि बड़े मगरमच्छ अभी भी बाहर घूम रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके गोरखनाथ मठ ने राम जन्मभूमि आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनी थी। हालांकि, मंदिर का निर्माण तो हो गया लेकिन मुस्लिम पक्ष को मिली जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ।
नृपेंद्र मिश्रा के बयानों पर दिग्विजय सिंह ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के बयानों का हवाला दिया। उन्होंने पूछा कि जब प्रधानमंत्री के विश्वसनीय अधिकारी खुद गड़बड़ी की बात कह रहे हैं, तो इस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर शीर्ष नेतृत्व की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चालीस दिनों के भीतर इकहत्तर बार बैंक से पैसे निकाले गए हैं। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाया कि नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने वाली संस्थाएं इस बड़े नकद लेन-देन के मामले पर पूरी तरह चुप क्यों हैं।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के अधिकारों और एसआईटी जांच पर उठाए प्रश्न
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के आंतरिक प्रबंधन पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि खुद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के पास चेक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं था। इस पूरे मामले में जवाबदेही तय किए बिना सिर्फ इस्तीफे मंजूर कर लिए गए, जो असली दोषियों को बचाने का एक प्रयास लगता है।
वरिष्ठ नेता ने सिंधियों और गरीब परिवारों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई गरीब लोगों ने मंदिर के लिए भारी पत्थर दान किए थे, लेकिन उन्हें रसीद तक नहीं दी गई। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों का व्यापारिक उपयोग करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि धर्म हमेशा लोगों को जोड़ने का काम करता है।
सनातन धर्म की परिभाषा और राजनीति के घालमेल पर तीखी प्रतिक्रिया
दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से मतभेद जताते हुए कहा कि सनातन धर्म सभी आस्थाओं का आदर करना सिखाता है। उन्होंने हिंदू शब्द को मूल रूप से फारसी भाषा का बताते हुए कहा कि इसके आधार पर राजनीति करना सही नहीं है। किसी भी धर्म के अनुयायियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी अविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि दस साल मुख्यमंत्री रहने के कारण वे जानते हैं कि ऐसी जांच टीमें कैसे काम करती हैं। उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को बधाई दी।

