राम मंदिर चोरी के आरोपियों ने वीआईपी दर्शन के नाम पर भी की करोड़ों की कमाई, 400 सुरक्षाकर्मी जांच के दायरे में

Ayodhya News: भव्य राम मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को लेकर हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीन मुख्य आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश ने श्रद्धालुओं को अवैध रूप से वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर भी करोड़ों रुपये की काली कमाई की है

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प्रतिष्ठित होटलों और ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े थे आरोपियों के तार

विशेष जांच टीम को आरोपियों के मोबाइल फोन की सघन जांच के दौरान उत्तर प्रदेश सहित देश के कई नामी होटलों, ट्रैवेल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों के नंबर मिले हैं। ये आरोपी शहर के प्रतिष्ठित होटलों में रुकने वाले अमीर श्रद्धालुओं को बिना वाहन पास के मंदिर के गर्भगृह तक वीआईपी एंट्री दिलवाते थे।

सूत्रों के मुताबिक, ये आरोपी इन आलीशान होटलों में हर रोज दिल खोलकर पैसा लुटाते थे और कर्मचारियों को भारी टिप देते थे। पुलिस ने सोमवार को इन तीनों शातिर आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए स्थानीय न्यायालय से मांग की है, ताकि मंगलवार को इनसे गहन पूछताछ की जा सके।

बुजुर्ग कर्मचारियों की झपकी का फायदा उठाकर उड़ाते थे नोटों की गड्डियां

चोरी के इस बड़े नेटवर्क के पीछे कई बड़े राज दफन

पूछताछ में यह भी पता चला है कि दानपात्र के नोटों की गिनती के दौरान आरोपी कक्ष में तैनात कुछ बुजुर्ग कर्मचारियों की मजबूरी का फायदा उठाते थे। जैसे ही कोई वृद्ध कर्मचारी ड्यूटी के दौरान झपकी लेता था, ये आरोपी पलक झपकते ही बड़ी रकम अपनी जेबों में छिपाकर आपस में बांट लेते थे।

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आरोपियों ने पुलिस को कई गुप्त अचल संपत्तियों की जानकारी दी है। पुलिस को आरोपियों के पास से जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। बुधवार को पुलिस इन आरोपियों को उन चिन्हित स्थानों पर लेकर जाएगी, जहां इन्होंने चोरी के पैसों से बड़े पैमाने पर अवैध निवेश किया है।

लापरवाही की जांच के लिए 400 सुरक्षाकर्मी पुलिस रडार पर

राम मंदिर परिसर की सुरक्षा में हुई इस गंभीर अनियमितता को लेकर अब वहां तैनात सुरक्षा बल भी जांच के कड़े दायरे में आ गए हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के लगभग 400 सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ हो रही है, ताकि किसी भी स्तर पर हुई सुरक्षा चूक का पता लगाया जा सके।

जांच अधिकारी अब श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास द्वारों के साथ ही चढ़ावे के सुरक्षित आवागमन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं। बिना अनुमति के अनाधिकृत वाहनों और लोगों को मंदिर परिसर के नजदीक भेजने में सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों के मोबाइल डेटा और उनके व्यक्तिगत बैंक खातों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है। इस पूरे गिरोह के पीछे कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों के शामिल होने का संदेह है, जिनका पर्दाफाश रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ में जल्द ही हो जाएगा।

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