Himachal Pradesh News: आगामी मानसून सीजन को देखते हुए हिमाचल प्रदेश का शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी उपनिदेशकों को अपने स्तर पर सुरक्षा तैयारियां मजबूत करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सभी प्राथमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाएगा।
विभाग ने साफ किया है कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विशेषकर बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित स्कूलों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही को प्रशासनिक स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्कूल भवनों की तुरंत होगी व्यापक सुरक्षा जांच
नए आदेश के अनुसार सभी स्कूल परिसरों के भवनों, चारदीवारी, छतों और जल निकासी प्रणालियों का तत्काल निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान सामने आने वाली सभी कमियों को समय रहते प्राथमिकता के आधार पर ठीक करना होगा। अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि समय पर काम पूरा हो सके।
शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षण संस्थानों को अपनी आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें तुरंत अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई और तुरंत देनी होगी रिपोर्ट
निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली ने इन निर्देशों को अत्यंत महत्वपूर्ण और ‘मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी में जारी किया है। यदि किसी भी स्कूल में सुरक्षा को प्रभावित करने वाली कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी रिपोर्ट बिना किसी देरी के तुरंत उच्च अधिकारियों को भेजनी होगी।
हिमाचल में हर साल मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से सरकारी और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचता है। इसी कड़वे अनुभव को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस बार बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही सभी सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने की मुहिम शुरू कर दी है।
Reported By: Sunita Gupta

