Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली बड़ी खबर सामने आई है। यहां करसोग उपमंडल की प्राथमिक पाठशाला खडून में बच्चे जून की भीषण गर्मी में तिरपाल के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। अव्यवस्था से नाराज अभिभावक धरने पर बैठ गए हैं।
स्कूल का मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां हर समय किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है। बच्चों की पढ़ाई को नुकसान से बचाने के लिए परिसर में ही तिरपाल लगाकर अस्थायी क्लासरूम तैयार किया गया है। अभिभावकों ने बच्चों को मुख्य बिल्डिंग के अंदर भेजने से साफ मना कर दिया है।
स्कूल की छत से लगातार टूटकर गिर रहा है मलबा
नाराज पेरेंट्स का आरोप है कि पुरानी बिल्डिंग की छत से लगातार मलबा टूटकर नीचे गिर रहा है। पिलरों और बीमों में गहरी दरारें आ चुकी हैं। जब तक शिक्षा विभाग इस पूरे परिसर को तकनीकी रूप से सुरक्षित घोषित नहीं करता, तब तक वे बच्चों को अंदर बिल्कुल नहीं भेजेंगे।
वीरवार को स्थानीय कॉम्प्लेक्स स्कूल के प्रिंसिपल ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी अभिभावकों से लंबी बातचीत की। उन्होंने जर्जर ढांचे का गहन निरीक्षण भी किया। हालांकि ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी अब तक नहीं आया।
प्रशासन को दी उग्र जनआंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों की शिक्षा को रोकना नहीं चाहते हैं। वे सिर्फ बच्चों के लिए एक सुरक्षित माहौल की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से वे खुद बच्चों को खुले आसमान के नीचे तिरपाल में बैठाकर पढ़ा रहे हैं, ताकि उनकी जान भी सुरक्षित रहे।
अभिभावकों ने अपनी मुख्य मांगों में स्कूल का तुरंत तकनीकी ऑडिट करवाने और बच्चों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने की बात कही है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे चक्का जाम कर बड़े स्तर पर उग्र जनआंदोलन शुरू करेंगे।
Reported By: Sunita Gupta


