उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में हुआ चमत्कार! 4 साल में बदल गई लाखों बच्चों की तकदीर, जानिए कैसे?

Uttarakhand News: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव किया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को आधार बनाकर एक बेहद मजबूत शिक्षा प्रणाली तैयार की गई है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के नेतृत्व में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक बनाया जा रहा है। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों गरीब और होनहार छात्रों को मिल रहा है।

सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड नहीं, बल्कि स्मार्ट क्लास नजर आ रही हैं। छात्रों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब और वर्चुअल क्लास की सुविधा शुरू की गई है। सरकार ने पूरे प्रदेश में 559 क्लस्टर स्कूलों को खास तौर पर चुना है। इन स्कूलों को नई और आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। सरकार का मुख्य मकसद बच्चों को एक शानदार और विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल देना है।

शिक्षा के बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। कक्षा नौ से 12 तक के 3,24,491 छात्रों को करीब 38,92,916 किताबें बिल्कुल मुफ्त दी गई हैं। इसके अलावा कक्षा एक से 12 तक के लगभग 8,99,763 छात्रों को मुफ्त नोटबुक भी बांटी जा रही हैं। इस कदम से गरीब माता-पिता को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। अब कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण पढ़ाई से कभी वंचित नहीं रहेगा।

बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में आया जबरदस्त उछाल

शिक्षा व्यवस्था में हुए इन सुधारों का सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं के शानदार नतीजों पर दिखा है। साल 2022 में हाईस्कूल का पास प्रतिशत केवल 77.47 हुआ करता था। लेकिन साल 2025 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 90.77 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के परिणाम में भी भारी सुधार देखने को मिला है। कॉपियों के पारदर्शी मूल्यांकन और समय पर रिजल्ट आने से छात्रों का भरोसा काफी बढ़ा है।

राज्य के होनहार छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना’ चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12,079 छात्रों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है। इसके साथ ही छात्रों के लिए ‘भारत-दर्शन शैक्षिक भ्रमण योजना’ भी शुरू की गई है। इसके जरिए छात्रों को देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों और ऐतिहासिक जगहों का भ्रमण कराया जा रहा है। इससे छात्रों के बौद्धिक विकास में काफी मदद मिल रही है।

छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि राज्य के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए माध्यमिक शिक्षा में 4,415 नए शिक्षकों की भर्ती की गई है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार हर छात्र को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के जरिए ही उत्तराखंड के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।

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