Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में सरकारी स्कूलों की सच्चाई सामने आई है। शिक्षा विभाग के एक बड़े सोशल ऑडिट में बुनियादी सुविधाओं और छात्र सुरक्षा को लेकर कई गंभीर कमियां मिली हैं। सर्वे में शामिल स्कूलों में पीने के साफ पानी, फर्नीचर और दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाओं का भारी अभाव पाया गया है।
हमीरपुर के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
रिपोर्ट के अनुसार जिले के 146 स्कूलों का सर्वे किया गया था। इनमें से आठ प्रतिशत स्कूलों में पर्याप्त कक्षाएं ही मौजूद नहीं हैं। वहीं छप्पन प्रतिशत स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की कमी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सत्तानवे प्रतिशत स्कूलों में छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल नहीं है।
छात्र सुरक्षा और दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं नदारद
ऑडिट में छात्र सुरक्षा को लेकर भी चिंताजनक आंकड़े मिले हैं। बत्तीस प्रतिशत स्कूलों में सुरक्षा समितियां नहीं बनाई गई हैं। सत्ताईस प्रतिशत स्कूलों में बाउंड्री वॉल या फेंसिंग नहीं है। इसके अलावा चौरासी प्रतिशत स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पहुंच आसान नहीं है। तिरसठ प्रतिशत स्कूलों में विशेष बच्चों के लिए शौचालय नहीं बनाए गए हैं।
काउंसलिंग सेवाओं की कमी और मिड डे मील की स्थिति
सर्वे के मुताबिक उन्नीस प्रतिशत स्कूलों में किशोरियों को सैनिटरी पैड नहीं दिए जाते हैं। किसी भी स्कूल में छात्रों के लिए पेशेवर काउंसलिंग की सुविधा नहीं है। हालांकि कुछ सकारात्मक बातें भी सामने आई हैं। अधिकतर स्कूलों में मिड डे मील की रसोई बेहतर मिली है। सत्तर प्रतिशत से अधिक स्कूलों में पुस्तकालय मानकों के अनुरूप हैं।
अभिभावकों की मांग और शिक्षा विभाग का आश्वासन
इस रिपोर्ट के बाद जनसुनवाई में अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जताई है। लोगों ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे और निगरानी व्यवस्था में सुधार की मांग रखी है। शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने ऑडिट रिपोर्ट में पाई गई सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने का भरोसा दिया है।

