Meerut News: मेरठ से हिरासत में लिए गए देवबंद के गांव थीतकी निवासी शिया समाज के मौलाना को कई घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। खुफिया विभाग अभी भी पूरे मामले को लेकर पैनी नजर बनाए हुए है। मौलाना ने कुछ माह पहले ईरान की एक यूनिवर्सिटी से मौलवियत का कोर्स पूरा किया था। यूपीएटीएस द्वारा मौलाना को हिरासत में लेने की सूचना ने शनिवार रात गांव थीतकी में सनसनी फैला दी थी। स्थानीय प्रशासन को इसकी कोई सूचना नहीं थी। बाद में यूपीएटीएस ने पूछताछ के बाद मौलाना को छोड़ दिया।
पूछताछ के बाद कोई सबूत नहीं मिला
मौलानाके परिवार से जुड़े सैयद ईसा रजा ने बताया कि चार घंटे की पूछताछ के बाद कोई सबूत न मिलने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ही मौलवियत की डिग्री लेकर उक्त युवक गांव में आया था। फिलहाल उसने दुबई में एक बिजनेस भी कर रखा है। वह ईद की छुट्टी पर आया हुआ था। भले ही मौलाना को पूछताछ के बाद एटीएस ने छोड़ दिया हो, लेकिन सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग अभी भी उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिए जाने से परिजनों ने राहत की सांस ली है।
कैंडल मार्च और हिजबुल्लाह पर बयान से आया रडार पर
यूपीएटीएस द्वाराहिरासत में लिए गए मौलाना ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के लिए देवबंद में कैंडल मार्च निकालने की अनुमति के लिए एसडीएम देवबंद को लिखित पत्र दिया था। एसडीएम ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। बताया जाता है कि हाल ही में एक धार्मिक सभा में मौलाना ने लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह के समर्थन में बयान दिया था। इन गतिविधियों के चलते ही मौलाना एटीएस की रडार पर आया था। पूछताछ के बाद युवक को छोड़ दिया गया, लेकिन खुफिया एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। एटीएस की इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।


