Chandigarh News: हरियाणा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रमोशन कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा। वहीं प्रतियोगी परीक्षा का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स-2007 में बदलाव पर मुहर लगने की उम्मीद है। इस बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
कानूनी अस्पष्टता दूर करने का प्रस्ताव
सिविल न्यायालयोंके गठन, क्षेत्राधिकार और कामकाज को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून पंजाब कोर्ट्स एक्ट 1918 में संशोधन कर कानूनी अस्पष्टता दूर करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट पद के लिए छह माह का अनिवार्य प्रशिक्षण हटाने और प्रमोशन कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी। इससे सीधी भर्ती 95 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। आपरेशन थिएटर असिस्टेंट के लिए योग्यता बारहवीं और बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
हुड्डा का पेनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक मेंपूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पेनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव है। यह पेनल रेंट अगस्त 2024 से लेकर 2025 के अंत तक की अवधि का है, जब हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिला था। इस अवधि के दौरान हुड्डा चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास में रहे। ओवरस्टे के चलते उन पर करीब 16.49 लाख रुपये का पेनल रेंट लगा था। हुड्डा की ओर से इसे माफ करने का अनुरोध किया गया है। कैबिनेट इस पर निर्णय ले सकती है।
नई टीओडी पालिसी-2026 लागू करने की तैयारी
वित्तीय सुधारोंके तहत अब यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट का तय फार्मेट लागू किया जाएगा। लास्ट पे सर्टिफिकेट में प्राण और यूनिक कोड जोड़ना अनिवार्य होगा। शहरी विकास में मिश्रित भूमि उपयोग नीति को स्पष्ट किया जाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत अन्य शहरों में मकानों के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति में संशोधन कर संस्थागत प्लॉट्स पर अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र अनुपात 250 प्रतिशत से 350 प्रतिशत तक देने की तैयारी है। नई टीओडी पालिसी-2026 लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। पानीपत के मच्छरौली गांव में पंचायत और निजी कंपनी के बीच जमीन अदला-बदली और शामलात भूमि से निजी प्रोजेक्ट्स को रास्ता देने की नीति पर भी फैसला संभव है। फिलहाल सभी प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लागू होंगे।

