New Delhi News: दिल्ली सरकार को चालू वित्त वर्ष में अपनी महिला हेल्पलाइन पर 25 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुईं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 181 हेल्पलाइन, जो निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करती है, को जनवरी 2025-26 तक 25 लाख से अधिक कॉल मिलीं। यह जागरूकता में वृद्धि और सहायता सेवाओं तक पहुंच में सुधार का संकेत है।
पिछले वर्ष 22 लाख कॉल का हुआ निपटान
सर्वेक्षण मेंयह भी बताया गया कि 2024-25 के दौरान 22 लाख कॉल का निपटान किया गया। हेल्पलाइन संकटकालीन हस्तक्षेप, परामर्श, रेफरल और मार्गदर्शन प्रदान करती है। यह सेवा महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉल की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे पता चलता है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं। सरकार ने हेल्पलाइन की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
सखी वन स्टॉप सेंटरों ने 9,832 महिलाओं को दी सहायता
सर्वेक्षण केअनुसार, 11 सखी वन स्टॉप सेंटरों ने 2023-24 में 6,945 लाभार्थियों और 2024-25 में 11,785 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की। चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक 9,832 महिलाओं को सहायता दी जा चुकी थी। ये केंद्र हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श और आश्रय की सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इन केंद्रों की संख्या और सेवाओं का विस्तार करना है।
687 आंगनवाड़ी केंद्र सरकारी स्कूलों में स्थापित
बाल कल्याण उपायोंपर प्रकाश डालते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी तक 687 आंगनवाड़ी केंद्र सरकारी स्कूल भवनों में स्थापित किए जा चुके थे। एक ही स्थान पर होने से बच्चों का पूर्व-विद्यालय से प्राथमिक शिक्षा में सुचारू संक्रमण होता है। इससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्कूल शिक्षकों के बीच समन्वय बढ़ता है, जिससे बेहतर विकासात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। सभी 10,897 कार्यरत आंगनवाड़ी केंद्र पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत हैं। ये केंद्र लगभग 6.73 लाख लाभार्थियों को कवर करते हैं। इनमें 57,306 गर्भवती महिलाएं, 66,715 स्तनपान कराने वाली माताएं और 0-6 वर्ष के 5.49 लाख बच्चे शामिल हैं। 99.98 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार सत्यापन हो चुका है।
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत 92,670 पंजीकरण
प्रधानमंत्रीमातृ वंदना योजना के तहत 2025-26 के 89,000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 92,670 लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 81,767 का सफलतापूर्वक नामांकन हो चुका है। योजना के तहत 34.43 करोड़ रुपये की 1.1 लाख से अधिक किश्तें वितरित की जा चुकी हैं। सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के तीन फ्लैट सामाजिक कार्यों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को पट्टे पर आवंटित किए गए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्रों के दिशानिर्देश प्रक्रियाधीन हैं। नशा प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता के लिए 64 चिन्हित इलाकों में लगभग 300 नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए।


