Himachal News: समाज के पतन का एक बेहद क्रूर चेहरा हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में सामने आया है। यहां एक कलयुगी मां-बाप ने जन्म के तुरंत बाद अपने ही बच्चे को अनाथ कर दिया। वे डा. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में रोते-बिलखते नवजात को लावारिस छोड़कर भाग निकले। इस हृदयविदारक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को एक नेपाली व्यक्ति अपनी पत्नी को लेकर पहुंचा था। पत्नी को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। सोमवार को इस महिला ने एक शिशु को जन्म दिया। लेकिन नवजात को देखकर माता-पिता के चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी। वे जन्म के बाद से ही काफी असहज और निराश नजर आ रहे थे।
15 हजार रुपये में लगा रहे थे नवजात की बोली
अस्पताल के सूत्रों ने जो खुलासा किया है, वह रोंगटे खड़े करने वाला है। जन्म के कुछ क्षण बाद ही इस दंपति ने नवजात का सौदा करने की कोशिश की। वे अस्पताल में बच्चे को बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। माता-पिता अपने ही खून के बदले 10 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
गनीमत यह रही कि किसी ने भी उनके इस घिनौने काम में कोई रुचि नहीं दिखाई। अपना मंसूबा नाकाम होते देख दंपति को पकड़े जाने का भारी डर सताने लगा। इसके बाद वे चुपचाप अपने नवजात शिशु को लावारिस छोड़कर अस्पताल से फरार हो गए। उन्होंने चंद रुपयों के लिए एक मासूम की जिंदगी को दांव पर लगा दिया।
सीसीटीवी से तलाश शुरू, पुलिस को दी जाएगी सूचना
पीडियाट्रिक्स विभाग के डॉक्टरों को जब इस घटना की भनक लगी, तो हड़कंप मच गया। डॉक्टरों ने तुरंत कॉलेज प्रशासन को नवजात के लावारिस छोड़े जाने की सूचना दी। प्रशासन ने फौरन कार्रवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन को मामले से अवगत कराया है। मासूम अब अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन की सुरक्षित देखरेख में है।
मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. देशराज शर्मा ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमानुसार सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मामले की आधिकारिक शिकायत पुलिस को जल्द दी जाएगी।


