Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में स्थित एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों के अनुसार हादसे में मारे गए पंद्रह बच्चों में से किसी की भी मौत आग में झुलसने के कारण नहीं हुई है।
कमरे में जहरीली गैस भरने से टूटा दम
केजीएमयू के आधिकारिक प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि सभी बच्चों की मौत जहरीले धुएं से दम घुटने की वजह से हुई। आग लगने के बाद बच्चे एक बंद कमरे में फंस गए थे। उस कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई। इससे बच्चों के फेफड़ों में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी।
इमारत में वेंटिलेशन के लिए कोई भी खिड़की खुलने वाली नहीं थी। वहां केवल टफन ग्लास लगे थे, जिन्हें बच्चे तोड़ नहीं पाए। अस्पताल में कुल बाईस बच्चे लाए गए थे, जिनमें से पांच मृत अवस्था में थे। पांच बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
तीसरी मंजिल से कूदने वाले घायल बच्चों का इलाज जारी
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक वर्तमान में दो गंभीर रूप से घायल बच्चों का इलाज जारी है। ये दोनों बच्चे जान बचाने के लिए जलती हुई बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से नीचे कूदे थे। इनमें से एक छात्रा मानसिक सदमे में है, जबकि उसके माता-पिता गुरुग्राम से लखनऊ पहुंच चुके हैं।
वहीं दूसरी मंजिल से कूदने वाले एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों ने रात में ही उसका सीटी स्कैन कराया है और अब एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर उसकी सर्जरी का फैसला लिया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे कोचिंग स्टाफ में हड़कंप मचा है।

