Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में अनुकंपा (करुणामूलक) आधार पर चतुर्थ श्रेणी में नौकरी का इंतजार कर रहे प्रभावित परिवारों की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। राज्य सरकार ने विभाग के चौकीदार और हेल्पर समेत अन्य चतुर्थ श्रेणी पदों को मल्टी टास्क वर्कर के रूप में भरने की प्रक्रिया को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.
इस बहुप्रतीक्षित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पहले कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण यह मामला लंबे समय से प्रशासनिक फाइलों में अटका हुआ था। अब राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की सुचारू नियुक्ति और नियमबद्ध तैनाती की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक विशेष कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है.
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनी समिति
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित यह उच्च स्तरीय समिति मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति, उनके कार्यक्षेत्र और स्थानांतरण संबंधी सभी नीतिगत पहलुओं पर एक विस्तृत खाका तैयार करेगी। इस समिति के गठन से जल शक्ति विभाग सहित अन्य सरकारी महकमों में लटके पड़े रोजगार के मामलों को जल्द सुलझाया जा सकेगा.
विभाग में 319 करुणामूलक आश्रित पाए गए हैं पात्र
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जल शक्ति विभाग ने करुणामूलक आधार पर चतुर्थ श्रेणी नियुक्तियों के लिए छानबीन की थी, जिसमें शुरुआती चरण में 319 अभ्यर्थियों को पूरी तरह पात्र पाया गया था। हालांकि, वास्तविक रूप से आवेदन करने वाले आश्रितों की संख्या इससे कहीं अधिक है, जो लंबे समय से सचिवालय के चक्कर काट रहे हैं.
यदि यह कैबिनेट सब-कमेटी अपनी रिपोर्ट और महत्वपूर्ण सिफारिशें समय पर सरकार को सौंप देती है, तो विभाग के इन 319 पात्र करुणामूलकों को तुरंत नियुक्ति पत्र मिल सकेंगे। अपने कमाऊ सदस्य को खोने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे और रोजगार की आस में वर्षों से इंतजार कर रहे सैकड़ों प्रभावित परिवारों के लिए यह फैसला एक बड़ी संजीवनी साबित हो सकता है.

