Shimla News: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर आज पूरा प्रदेश उन्हें याद कर रहा है। बुशहर रियासत के राजा से जन-जन के प्रिय नेता बने वीरभद्र सिंह की स्मृति में उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित तमाम राजनीतिक दिग्गजों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रेरणा से सियासत में कदम रखने वाले वीरभद्र सिंह छह बार देवभूमि के मुख्यमंत्री रहे। उनके पुत्र और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि पिता के जाने के बाद भी उनकी सौम्य मुस्कान और समाज के प्रति अगाध प्रेम आज भी उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है.
मुख्यमंत्री सुक्खू और विपक्ष के नेताओं ने किया नमन
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरभद्र सिंह को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने जनसेवा के प्रति समर्पण से प्रदेश के विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान की। वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उन्हें आधुनिक हिमाचल का असली शिल्पकार बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी विकास में उनके अद्वितीय योगदान की सराहना की.
बुशहर रियासत की गद्दी से छह बार मुख्यमंत्री बनने का सफर
महज 13 वर्ष की आयु में बुशहर रियासत का कार्यभार संभालने वाले वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून 1934 को हुआ था। वे वर्ष 1962 में पहली बार महासू सीट से लोकसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद वह कुल पांच बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्ष 1983 में उन्होंने पहली बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी.
वीरभद्र सिंह ने रिकॉर्ड छह बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं और विशेषकर शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में ओपन हार्ट सर्जरी की शुरुआत उनके ही प्रयासों से हुई थी। जीवन के अंतिम दौर में दो बार कोरोना को मात देने के बाद 8 जुलाई 2021 को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में उनका निधन हुआ था.

