Delhi News: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे बेहद खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें मामूली गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आकर खूंखार आतंकवादी बन गए। इस गिरोह के सक्रिय सदस्य मोहित, आरिफ, अनस और फरार आरोपी आमिर दिल्ली-एनसीआर में अपना काला साम्राज्य चला रहे थे।
यह गिरोह शुरुआत में जरूरतमंद और गरीब लोगों को बहुत ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उधार देने का काम करता था। इलाके में अपना खौफ और दबदबा बनाए रखने के लिए ये अपराधी अवैध हथियार भी रखते थे। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से इनका संपर्क पहले अजमल और फिर बाद में मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी से हुआ।
दुबई और यूपीआई के जरिए खरीदी 1 लाख की जिगाना पिस्टल
जांच में सामने आया है कि आरोपी आरिफ ने अजमल से एक लाख रुपये में प्रतिबंधित ‘जिगाना पिस्टल’ खरीदी थी। इस अवैध हथियार की खरीद के लिए पैसों का भुगतान बेहद शातिराना तरीके से किया गया। इसके लिए दुबई स्थित बैंक खातों और भारतीय यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल किया गया था।
हथियार मिलते ही यह खतरनाक गिरोह पंजाब से लेकर दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी में शामिल हो गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्तारी से बचने के लिए इन अपराधियों ने ड्रोन से किया जाने वाला आधुनिक ‘डेड-ड्रॉप’ डिलीवरी सिस्टम अपनाया हुआ था।
पैसों का लालच देकर युवाओं को बनाया जा रहा कट्टरपंथी
सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण फरवरी 2026 में आरिफ का मुख्य साथी हैप्पी भारी मात्रा में ड्रग्स सप्लाई के मामले में पंजाब पुलिस द्वारा रंगे हाथों दबोचा गया। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह देश के सीधे-साधे भारतीय युवाओं को भारी पैसों का लालच देकर लगातार कट्टरपंथी बना रहा था।
गिरोह के लोग युवाओं को देश विरोधी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बुरी तरह उकसाते थे। यह पूरा सिंडिकेट सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स, गुमनाम सोशल मीडिया अकाउंट्स, हवाला चैनलों, स्कैनर-आधारित वित्तीय लेनदेन और फोटो-वीडियो कंफर्मेशन सिस्टम के जरिए बेहद चालाकी से काम कर रहा था।
विदेश में बैठे हैंडलर दे रहे थे टारगेट किलिंग के निर्देश
जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के मुख्य हैंडलर विदेशों में सुरक्षित बैठे हुए हैं। वहीं से ये हैंडलर भारत में हथियार और विस्फोटक जुटाने, संवेदनशील ठिकानों या व्यक्तियों (टारगेट) को चुनने और बड़े हमलों को अंजाम देने से जुड़े तमाम जरूरी निर्देश डिजिटल माध्यमों से दे रहे थे।
इस बड़े खुलासे के बाद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश की पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। फरार आरोपी आमिर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क की आखिरी कड़ी को भी पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
Author: Gaurav Malhotra


