Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इस समय भारी उबाल देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर पूर्व भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जानबूझकर ठप करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सहारा और हिमकेयर योजनाओं को बंद करने की साजिश
मंडी में मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू हमारी योजनाओं की सफलता से ईर्ष्या करते हैं। इसी कारण वह सहारा और हिमकेयर जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं का बजट काट रहे हैं। सरकार इन योजनाओं के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार करके इन्हें पूरी तरह बदनाम करने की बड़ी साजिश रच रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि अगर आप अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास की नई लकीर नहीं खींच पाए हैं, तो हमारी खींची हुई लकीर को छोटा करने की ओछी कोशिश मत कीजिए। यह रवैया देवभूमि हिमाचल की स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत और दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकारी तंत्र ने जिंदा मरीज को कागजों में घोषित किया मृत
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि सराज विधानसभा क्षेत्र के छड़यांद निवासी सुरेश कुमार आज भी जीवित हैं। इसके बावजूद सरकारी तंत्र ने कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस लापरवाही के कारण उनकी सहारा योजना की वित्तीय सहायता राशि रोक दी गई।
कैंसर और पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा योजना एक बड़ी जीवनदायिनी राहत थी। ऐसे संवेदनशील मामलों में इतनी बड़ी लापरवाही सरकारी कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जनता के दिलों में जगह बनाने के लिए साफ नीयत चाहिए।
सोशल मीडिया टीम पर करोड़ों रुपए फूंकने का आरोप
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के खिलाफ व्यक्तिगत दुष्प्रचार करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक विशेष सोशल मीडिया सेल बनाया है। इस सेल को चलाने के लिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए की भारी-भरकम राशि पानी की तरह बहाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह विशेष टीम सरकार की नीतियों का प्रचार करने की बजाय दिन-रात केवल विपक्ष को नीचा दिखाने में व्यस्त रहती है। लोकतंत्र में सरकारी पैसे का ऐसा दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है। जनता को गुमराह करने की जगह सरकार को जनहित के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
Reported By: Harikarishan Sharma


