Himachal Pradesh News: राजधानी शिमला में नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे बेहद चौंकाने वाले तरीकों का भंडाफोड़ हुआ है। यहां माफिया अब बच्चों के पसंदीदा स्नैक्स कुरकुरे और रोजमर्रा के दूध के खाली पैकेट में ड्रग्स छिपाकर तस्करी कर रहे थे।
शहर की बालूगंज थाना पुलिस ने इस हाईटेक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कई राज्यों में फैले गिरोह को ध्वस्त किया है। पुलिस ने मामले की तह तक जाते हुए जाल बिछाया। इसके बाद इस पूरे गैर-कानूनी नेटवर्क के मुख्य सरगना को फरीदाबाद से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है।
डिजिटल सबूत और बैंक खातों की जांच से खुला राज
पुलिक अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि बालूगंज थाने में एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस टीम ने सबसे पहले अविनाश चौहान नाम के शख्स को सात ग्राम नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा था। इसके बाद बिहार के भोजपुर के रहने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए तस्करों से गहन पूछताछ, उनके बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल के डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच की गई। इस तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर रवि अहिरवार को दबोचा। आरोपी रवि मध्य प्रदेश का रहने वाला है और मोहाली से नेटवर्क चला रहा था।
तीन महीने में सवा करोड़ का बड़ा लेन-देन आया सामने
आरोपी रवि शिमला के अंतरराज्यीय बस टर्मिनस और उसके आसपास खाली पैकेटों में नशीला पदार्थ छिपाकर रखता था। वह उस गुप्त स्थान का वीडियो बनाकर मुख्य संचालक को भेजता था। खरीदार से ऑनलाइन पेमेंट होने के बाद ही उस लोकेशन का वीडियो ग्राहकों के साथ साझा किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब सवा करोड़ रुपये का अवैध वित्तीय लेन-देन हुआ है। रवि पिछले एक साल में करीब पचास बार शिमला आकर ड्रग्स की सप्लाई कर चुका है। पुलिस अब इसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
पिछले साल के मुकाबले दोगुनी रिकवरी और रिकॉर्ड गिरफ्तारियां
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साल 2026 में नशा तस्करों के खिलाफ चले अभियान में अद्भुत सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस साल अब तक सैंतीस बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्क को पूरी तरह तबाह कर दिया है। जबकि साल 2025 में ऐसी कोई ठोस कामयाबी हाथ नहीं लगी थी।
अगर आंकड़ों की बात करें तो साल 2025 में शिमला पुलिस ने केवल एक किलोग्राम चिट्टा बरामद किया था और इस दौरान सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके मुकाबले साल 2026 में अब तक दो गुना ज्यादा यानी दो किलोग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है और कुल अड़तालीस आरोपियों को जेल भेजा गया है।
इसी तरह इस साल नशे के मामलों में सिर्फ आरोपियों को ही नहीं पकड़ा जा रहा है, बल्कि तस्करी के सोर्स और पूरी सप्लाई चेन पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साल 2026 में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर रिकॉर्ड गिरफ्तारियां हुई हैं, जिसने नशा माफिया की पूरी कमर तोड़ दी है।
Reported By: Sunita Gupta


