Kolkata News: पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास सॉल्ट लेक स्टेडियम में मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम में मची भारी अराजकता के मामले में बुरी तरह घिर गए हैं। कोलकाता की बिधाननगर दक्षिण थाना पुलिस ने अब पूर्व खेल मंत्री को नया समन जारी करके कड़े तेवर दिखाए हैं।
पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता अरूप विश्वास को 8 जून को जांच टीम के सामने हर हाल में पेश होने का अंतिम मौका दिया है। इससे पहले पिछले शुक्रवार को वह खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।
आयोजक ने लगाया टिकटों की कालाबाजारी का गंभीर आरोप
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व मंत्री को नया कानूनी नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई मशहूर इवेंट आयोजक शताद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई आपराधिक एफआईआर के बाद शुरू हुई गहन जांच का हिस्सा है।
शताद्रु दत्ता ने पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास पर दिसंबर 2005 में हुए इस हाई-प्रोफाइल फुटबॉल मैच से जुड़े वीआईपी टिकटों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी करने का संगीन आरोप लगाया है। इसके अलावा उन पर जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और बड़ी धोखाधड़ी के मुकदमे भी दर्ज हैं।
स्टेडियम की सुरक्षा तोड़कर जबरन अंदर घुसी थी उग्र भीड़
कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में 13 दिसंबर, 2005 को आयोजित इस बड़े मुकाबले के दौरान उस समय भयंकर अव्यवस्था फैल गई थी, जब हजारों लोग बिना वैध प्रवेश टिकट के जबरन गेट तोड़कर अंदर घुस गए। इससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी और भगदड़ मच गई थी।
इंटरनेशनल स्तर के इस कार्यक्रम के बेहद महंगे टिकट खरीदने वाले असली दर्शकों ने कुप्रबंधन के कारण भारी नाराजगी जताई थी। भीड़भाड़ की वजह से हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ी मेस्सी को करीब से नहीं देख पाए थे और उन्होंने आयोजन स्थल पर ही हंगामा शुरू कर दिया था।
विवाद के बाद मैदान छोड़कर अचानक भाग गए थे मेस्सी
स्टेडियम में मचे इस अप्रत्याशित हंगामे को देखकर लियोनेल मेस्सी सुरक्षा कारणों से तेजी से मैदान से बाहर चले गए थे। इससे गुस्साए दर्शकों ने स्टेडियम की सरकारी संपत्ति में जमकर तोड़फोड़ की थी। इस घटना ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था।
विपक्ष ने तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास पर खराब योजना और भीड़ प्रबंधन में भारी लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया था। इस फ्लॉप शो के बाद आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जमानत मिलने से पहले करीब 37 दिन जेल में बिताने पड़े थे।
जेल से छूटते ही पूर्व मंत्री पर बोला तीखा हमला
जेल से रिहा होने के तुरंत बाद शताद्रु दत्ता ने इस बड़े खेल आयोजन की विफलता और आयोजकों को हुए करोड़ों रुपए के भारी वित्तीय नुकसान के लिए सीधे तौर पर अरूप विश्वास को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र ने मिलकर उन्हें बलि का बकरा बनाया।
बिधाननगर पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व खेल मंत्री के खिलाफ सभी इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सबूतों को खंगाल रही है। 8 जून को होने वाली पूछताछ में पूर्व मंत्री को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कई कड़े सवालों के जवाब देने होंगे।
Author: Sourav Banerjee


