Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित प्रसिद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) प्रशासन ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। वन्यजीवों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दुधवा-गौरीफंटा मुख्य मार्ग पर शाम से लेकर सुबह तक सभी प्रकार के आम वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने राष्ट्रीय समाचार एजेंसी पीटीआई को इस महत्वपूर्ण निर्णय की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह कड़ा फैसला आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर रहने वाले दुर्लभ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में पूरी तरह से सुरक्षित और शांत माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
शाम छह से सुबह छह बजे तक पूर्ण पाबंदी
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन के उप निदेशक जगदीश आर ने बताया कि इस यातायात प्रतिबंध को लेकर एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। दूधवा से नेपाल सीमा के ठीक पास स्थित गौरीफंटा कस्बे को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर हर दिन शाम 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक आवागमन बंद रहेगा।
वन विभाग के उप निदेशक ने स्पष्ट किया कि इस बारह घंटे के प्रतिबंधित समय के दौरान केवल एम्बुलेंस और अन्य बेहद आपातकालीन वाहनों को ही शर्तों के साथ आने-जाने की विशेष अनुमति दी जाएगी। आम लोगों और सामान्य व्यावसायिक वाहनों के लिए यह मार्ग रात के समय पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
यात्रियों के लिए खुला रहेगा वैकल्पिक मार्ग
प्रशासन ने रात के समय गौरीफंटा सीमा की ओर जाने वाले आम यात्रियों की असुविधा को कम करने का भी पूरा ध्यान रखा है। इसके लिए दुधवा से चंदनचौकी होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग दिन-रात यानी 24 घंटे खुला रहेगा। इस रूट का उपयोग करके यात्री बिना किसी बाधा के गौरीफंटा तक का अपना सफर तय कर सकेंगे।
जगदीश आर ने आगे बताया कि रात के समय वन्यजीव क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित करने का यह फैसला माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह रात्रिकालीन प्रतिबंध बाघ अभ्यारण्यों में सख्त नियम लागू करने के अदालती आदेश के अनुपालन और जनहित के बीच एक सही संतुलन बनाता है।
Author: Ajay Mishra


