Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार और जमीन खरीदार-विक्रेताओं के लिए एक बेहद बड़ी खबर है। राजधानी के 332 गांवों में कृषि योग्य जमीनों के सर्किल रेट में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिला प्रशासन आगामी 4 जून को संशोधित नई दरें जारी कर सकता है।
प्रशासन द्वारा प्रस्तावित की गई नई दरों पर आम जनता से आपत्तियां मांगी गई थीं, जिन पर बुधवार को सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो गई है। खास बात यह है कि जिला प्रशासन को मिली अधिकांश आपत्तियों में जमीन के सर्किल रेट को कम करने के बजाय और ज्यादा बढ़ाने की मांग की गई थी।
किसानों को मिलेगा जमीन का सही दाम
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार सिंह ने आपत्तियों पर विस्तृत सुनवाई करने के बाद कुछ विशेष गांवों में प्रस्तावित दरों को और ज्यादा बढ़ाने पर अपनी सहमति दे दी है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को उनकी जमीनों का दाम वर्तमान बाजार दर (मार्केट रेट) के बराबर मिल सके।
इससे पहले, जिलाधिकारी (DM) विशाख जी ने एक अगस्त को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विस्तारित क्षेत्र और नगर निगम सीमा से बाहर के ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट बढ़ाने के लिए नई दरें प्रस्तावित की थीं। इन प्रस्तावित दरों पर आम जनता को दो जून तक अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया था।
10 साल बाद बदले थे नियम
तय समय सीमा खत्म होने तक जिला प्रशासन को अलग-अलग सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब फाइनल लिस्ट तैयार की जा रही है, जिससे पारदर्शी व्यवस्था लागू हो सके।
गौरतलब है कि लखनऊ में करीब 10 साल के एक लंबे अंतराल के बाद एक अगस्त 2025 को नया डीएम सर्किल रेट लागू किया गया था। उस समय शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों के सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद अब यह नया संशोधन हो रहा है।
Author: Ajay Mishra


