Haridwar News: हिंदू धर्म में कुलदेवी और कुलदेवता का स्थान सबसे सर्वोच्च और विशेष माना गया है। जो देवी या देवता किसी विशेष परिवार या खानदान में कई पीढ़ियों से पूजे जा रहे हों, उन्हें ही कुलदेवी या कुलदेवता कहा जाता है। शास्त्रानुसार इन्हें पूरे वंश का रक्षक माना जाता है।
मान्यता है कि कुलदेवता अपने परिवार के लोगों को हर अदृश्य परेशानी, बुरी ताकत और घोर मुसीबत से बचाते हैं। घर में जब भी शादी, बच्चे का जन्म या मुंडन जैसा कोई मांगलिक कार्य होता है, तो सबसे पहले कुलदेवी-देवता को याद करके उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
क्या होता है कुल दोष और क्यों रूठ जाते हैं रक्षक देव?
यदि कोई परिवार अपने कुलदेवता को भूल जाता है या किसी वजह से वे नाराज हो जाएं, तो घर से सुख-शांति चली जाती है। ज्योतिषीय भाषा में इसे ही ‘कुल दोष’ कहा जाता है। कुलदेवता के नाराज होने पर जीवन में कई तरह के खतरनाक और नकारात्मक संकेत मिलने लगते हैं।
बिना वजह गंभीर बीमारी और घर में हर वक्त भयंकर गृह क्लेश
कुल दोष होने पर परिवार में कोई न कोई सदस्य हमेशा गंभीर रूप से बीमार रहता है। एक व्यक्ति ठीक होता है, तो तुरंत दूसरा अस्पताल पहुंच जाता है। इसके साथ ही परिवार के लोगों में आपस का प्रेम पूरी तरह खत्म हो जाता है और छोटी बातों पर कलह होने लगती है।
ऐन वक्त पर बनते काम बिगड़ना और शादी-ब्याह में बड़ी रुकावट
नौकरी या बिजनेस में सब कुछ अच्छा चलने के बावजूद आखिरी वक्त पर बड़ी डील हाथ से निकल जाती है। इसके अलावा घर के योग्य लड़के-लड़कियों के विवाह में बिना किसी बड़ी वजह के सालों का विलंब होने लगता है और तय हो चुकी बात भी अचानक टूट जाती है।
सपने में पैतृक गांव दिखना और अचानक पैसों की भारी बर्बादी
सोते समय बार-बार पूर्वजों के डरावने सपने आना या सपने में खुद को पैतृक गांव और खंडहरों में देखना कुल दोष का बड़ा लक्षण है। ऐसे घरों में पैसा पानी की तरह बहता है और बीमारी या कोर्ट-कचहरी के चक्कर में सारी जमापूंजी अचानक नष्ट हो जाती है।
घर में पैर रखते ही मन उदास होना और बार-बार सांप दिखाई देना
यदि घर में कदम रखते ही आपका मन चिड़चिड़ा हो जाए और बाहर निकलते ही सुकून मिले, तो समझें कुलदेवता रूठे हैं। इसके अलावा सपने में बार-बार सांप या अजीब साए का दिखाई देना इस बात का साफ इशारा है कि आपके कुलदेवता की पूजा में बड़ी कमी रही है।
कुल दोष के प्रभाव को हमेशा के लिए दूर करने के 3 अचूक उपाय
इस दोष से मुक्ति के लिए किसी विद्वान ब्राह्मण की सलाह लेकर कुलदेवता के नाम का विशेष हवन या शांति पूजा करवाएं। अपने पूरे परिवार के साथ पैतृक गांव जाकर कुलदेवता के मुख्य मंदिर के दर्शन करें। साथ ही रोज घर के मंदिर में उनके नाम का दीपक जलाकर भोजन का पहला भोग निकालें।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


