Delhi News: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह माना गया है। नवग्रहों में शुक्र देव को धन-दौलत, भौतिक सुख, भोग-विलासिता, वैभव, प्रेम-सौंदर्य और रोमांस का मुख्य कारक माना जाता है। शुक्र एक निश्चित समय के भीतर अपनी राशि और नक्षत्र में बदलाव करते हैं।
शुक्र के इस गोचर से सभी 12 राशियों के जातक सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। इसके अलावा हर व्यक्ति के जीवन पर नवग्रहों की महादशा का दौर भी चलता है। इन्हीं में से एक है शुक्र की महादशा, जो सभी ग्रहों में सबसे लंबी अवधि तक इंसानी जीवन को प्रभावित करती है।
20 सालों तक राजा की तरह जीवन जीता है जातक
ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार, शुक्र देव तुला और वृष राशि के स्वामी माने जाते हैं। न्याय के देवता शनि देव के साथ इनका परम मित्रता का भाव रहता है। शुक्र ग्रह की महादशा पूरे 20 सालों तक चलती है, जो कि ज्योतिष में सबसे लंबी महादशा है।
जिन लोगों की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ और मजबूत स्थिति में विराजमान होते हैं, उन पर इस महादशा का अद्भुत शुभ प्रभाव देखने को मिलता है। शुभ शुक्र होने पर व्यक्ति इन 20 सालों के दौरान राजा की तरह ऐशो-आराम और बेहद आलीशान जिंदगी बिताता है।
कुंडली में कमजोर शुक्र महादशा में देता है भारी कष्ट
इसके विपरीत, अगर शुक्र ग्रह कुंडली में अशुभ या नीच का होकर बैठा हो, तो महादशा शुरू होते ही व्यक्ति को भयंकर शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कष्ट सहने पड़ते हैं। ऐसे जातक को जीवन में कभी भी मनचाहा भौतिक सुख और साधन प्राप्त नहीं हो पाता है।
कमजोर शुक्र होने से व्यक्ति की आंतरिक कामुक शक्ति भी बेहद कमजोर हो जाती है। इसके प्रभाव से जातक को किडनी और आंखों से संबंधित गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं। महिलाओं की कुंडली में कमजोर शुक्र इस महादशा के दौरान गर्भपात जैसी दुखद स्थिति का कारण भी बन सकता है।
शुक्र की महादशा में चलती है अन्य ग्रहों की अंतर्दशा
ज्योतिषीय गणना कहती है कि शुक्र ग्रह की 20 वर्षों की लंबी महादशा के दौरान समय-समय पर शनि और राहु जैसे ग्रहों की अंतर्दशा भी साथ-साथ चलती है। शुक्र की महादशा के भीतर आने वाली इन अन्य ग्रहों की अंतर्दशा का फल जातक को शुभ और अशुभ दोनों रूपों में मिलता है।
अगर कुंडली में शुक्र देव पीड़ित हैं, तो घबराने के बजाय कुछ अचूक ज्योतिषीय उपाय करने चाहिए। जिन जातकों का शुक्र ग्रह कमजोर है, उन्हें हर शुक्रवार के दिन ‘शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार पवित्र मन से जाप जरूर करना चाहिए। इससे ग्रह शांत होते हैं।
शुक्र को मजबूत करने के आसान और अचूक उपाय
शुक्र देव की कृपा पाने के लिए शुक्रवार के दिन चींटियों को आटा और चीनी खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा शुक्रवार के दिन सफेद रंग की वस्तुएं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद वस्त्रों का दान जरूरतमंदों को करें। इससे कुंडली का कमजोर शुक्र मजबूत होने लगता है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


