Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दोपहर को अचानक मौसम ने खतरनाक करवट बदल ली है। शहर में तेज तूफान के साथ भीषण मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस अचानक आए बदलाव के कारण चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और सड़कों पर भारी मात्रा में पानी बहने लगा।
करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई इस मूसलाधार बारिश ने शिमला की रफ्तार को पूरी तरह रोक दिया। इस पहाड़ी हिल स्टेशन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों और सैलानियों को जून के महीने में भी कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है।
मालरोड और रामबाजार की दुकानों में घुसा पानी
इस भीषण बारिश के कारण शिमला के प्रसिद्ध रामबाजार से लेकर मालरोड तक की कई दुकानों के अंदर पानी भर गया। सर्कुलर रोड पर बने नाले पूरी तरह उफान पर आ गए। इसके चलते वाहनों की सामान्य आवाजाही काफी प्रभावित हुई और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में भागते नजर आए।
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज के कारण लोगों को अलमारी से दोबारा गर्म कपड़े निकालने पड़ गए हैं। शहर के मुख्य बाजारों, लोअर बाजार और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया। स्कूल और कॉलेज से घर वापस लौट रहे छात्र-छात्राओं को भी इस भारी आफत का सामना करना पड़ा।
नालियां बंद होने से तालाब बनीं शहर की सड़कें
रामबाजार की प्रमुख नालियां कचरे के कारण पूरी तरह बंद पड़ी थीं, जिससे सारा पानी मुख्य सड़क पर बहने लगा। दुकानदार अपनी दुकानों के आगे से सामान बचाते दिखे। वहीं, लिफ्ट के पास वाले बड़े नाले की सफाई न होने से उसका गंदा पानी भी सड़कों पर जमा हो गया।
इस बारिश से हालांकि राज्य के सूखे खेतों को संजीवनी मिलेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ चली तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने सेब के बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के कई हिस्सों में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल नजर आया।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक लगातार मौसम खराब रहने और तेज बारिश होने का सटीक पूर्वानुमान है।
आगामी शुक्रवार पांच जून को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के अन्य दस जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इस यू-टर्न से पहाड़ी क्षेत्रों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, राज्य के मैदानी इलाकों में अभी भी तेज धूप खिली हुई है।
Author: Shilla Bhatia


